अशोकनगर: खाकी का अनुकरणीय चेहरा, तड़पते बेजुबान बैल के लिए देवदूत बनी पुलिस!

 


अशोकनगर, 05 जून (हि.स.)। अक्सर पुलिस को आपने अपराधियों को पकड़ते या कानून व्यवस्था संभालते देखा होगा, लेकिन मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में पुलिस ने जो किया, उसने हर व्यक्ति का दिल जीत लिया। एसपी राजीव मिश्रा के निर्देशन में यहां पुलिस न जीव-दया और मानवता की भी नई मिसाल पेश की है। शुक्रवार को चंदेरी पुलिस ने एक लावारिस घायल बैल की जान बचाकर साबित कर दिया कि खाकी के भीतर एक संवेदनशील दिल भी धडक़ता है।

अखबार की सुर्खी बनते ही एक्शन में आए एसपी:सुबह चंदेरी कस्बा क्षेत्र से एक दर्दनाक खबर सामने आई थी, जहां एक लावारिस बैल गंभीर हालत में घायल पड़ा तड़प रहा था। जैसे ही यह खबर एसपी की नजरों से गुजरी, उन्होंने बिना एक पल गंवाए चंदेरी थाना प्रभारी, निरीक्षक प्रशांत यादव को तुरंत बेजुबान की मदद के लिए फील्ड पर उतरने के आदेश दिए।

सडक़ पर ही बना अस्पताल, डॉक्टरों को बुलाकर कराया इलाज:कप्तान का आदेश मिलते ही चंदेरी पुलिस फुल एक्टिव मोड में आ गई। थाना प्रभारी ने तुरंत आरक्षक तेज सिंह कुशवाह और आरक्षक आशीष शर्मा को मौके पर भेजा। दोनों जवानों ने बिना देरी किए पशु चिकित्सालय से डॉ.आरिफ खान को सीधे मौके पर बुलाया। सडक़ को ही इलाज का जरिया बनाया गया और डॉक्टर की टीम ने घायल बैल का तत्काल ट्रीटमेंट शुरू किया।

सिर्फ दवा ही नहीं, दुआएं भी कमाईं:पुलिस ने न केवल बैल के घावों पर मरहम लगवाया, बल्कि उसके दर्द को समझते हुए तुरंत दवाइयों, पानी और हरे भूसे का इंतजाम भी किया, ताकि वह जल्द से जल्द स्वस्थ हो सके। पुलिस की इस तत्परता और बेजुबान के प्रति इस प्रेम को देखकर वहां मौजूद स्थानीय नागरिकों की आंखें भर आईं। चंदेरी के लोगों ने पुलिस की इस पहल की मुक्तकंठ से सराहना की। स्थानीय लोगों का कहना है कि। यह सिर्फ एक पशु का इलाज नहीं है, बल्कि समाज को यह संदेश है कि पुलिस हर परिस्थिति में जनता और जीवों के कल्याण के लिए मुस्तैद रहना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार