चंदेरी हेलीपैड पर सुरक्षा इंतजाम अधूरे, 15 लाख रुपये स्वीकृत होने के बाद भी फेंसिंग नहीं

 


पीएम श्री पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा शुरू हुए महीनों बीते, यात्रियों के लिए शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा भी नहीं

अशोकनगर, 11 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में पीएम श्री पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा शुरू हुए कई महीने बीत चुके हैं और चंदेरी में पर्यटकों की आवाजाही भी जारी है, लेकिन हेलीपैड पर अब तक सुरक्षा और मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह विकसित नहीं हो सकी हैं। हेलीपैड की सुरक्षा के लिए 15 लाख रुपये स्वीकृत किए जाने के बावजूद अभी तक फेंसिंग का काम शुरू नहीं हुआ है। इसके चलते हेलीपैड परिसर में आवारा मवेशियों की आवाजाही बनी रहती है और हेलीकॉप्टर की लैंडिंग तथा उड़ान के दौरान सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

छह मई को जारी हुआ था स्वीकृति पत्र

जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक एवं पर्यटन सचिव डॉ. इलैयाराजा टी. ने छह मई को कलेक्टर को पत्र भेजकर हेलीपैड की सुरक्षा फेंसिंग के लिए 15 लाख रुपये स्वीकृत किए थे। पत्र में तत्काल फेंसिंग कराने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कई महीने बीतने के बाद भी टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।

स्वीकृत राशि के बावजूद काम आगे नहीं बढ़ने से स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि पर्यटन सेवा शुरू होने से पहले ही हेलीपैड को सुरक्षा की दृष्टि से तैयार किया जाना चाहिए था।

आवारा मवेशियों की आवाजाही से हादसे का खतरा

हेलीपैड पर बाउंड्री और सुरक्षा फेंसिंग नहीं होने के कारण आम लोगों के साथ-साथ आवारा मवेशी भी परिसर में पहुंच जाते हैं। हेलीकॉप्टर के उतरने और उड़ान भरने के समय खुले परिसर में मवेशियों की मौजूदगी दुर्घटना का कारण बन सकती है। ऐसे में हेलीपैड की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तत्काल कदम उठाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

पर्यटकों और चालक दल के लिए सुविधाओं का अभाव

चंदेरी में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए हेलीपैड पर मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। यात्रियों, हेलीकॉप्टर के पायलट और चालक दल के सदस्यों के लिए रुकने अथवा तरोताजा होने की समुचित व्यवस्था नहीं है। शौचालय जैसी आवश्यक सुविधा का भी अभाव बताया जा रहा है।

पीएम श्री पर्यटन हेलीकॉप्टर सेवा का उद्देश्य चंदेरी सहित क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देना है, लेकिन हेलीपैड पर व्याप्त अव्यवस्थाएं इस उद्देश्य पर सवाल खड़े कर रही हैं।

नागरिकों ने तत्काल कार्रवाई की मांग की

सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. योगेश मिश्रा सहित स्थानीय नागरिकों और पर्यटन प्रेमियों ने हेलीपैड की स्थिति को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि स्वीकृत 15 लाख रुपये से तत्काल टेंडर प्रक्रिया पूरी कराकर सुरक्षा फेंसिंग का काम कराया जाए। इसके साथ ही यात्रियों और पर्यटकों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है, ताकि किसी संभावित अप्रिय घटना को टाला जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार