अशोकनगर पुलिस को मिली अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वेन, मौके पर जुटाए जा सकेंगे वैज्ञानिक साक्ष्य

 




अशोकनगर, 23 सितंबर (हि.स.)। अपराध अनुसंधान को आधुनिक, वैज्ञानिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में अशोकनगर पुलिस को अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वेन उपलब्ध कराई गई है। मध्य प्रदेश गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय भोपाल की पहल के तहत मिली इस वेन की मदद से गंभीर और संवेदनशील अपराधों के घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन, संरक्षण और दस्तावेजीकरण किया जा सकेगा।

बुधवार को पुलिस कार्यालय परिसर में पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने मोबाइल फॉरेंसिक वेन का अवलोकन किया। उन्होंने वेन में उपलब्ध अत्याधुनिक उपकरणों और विभिन्न फॉरेंसिक किट्स की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र करने की प्रक्रिया में इन संसाधनों की उपयोगिता के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।

कई तरह की फॉरेंसिक किट उपलब्ध

मोबाइल फॉरेंसिक वेन में घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए विभिन्न प्रकार के उपकरण और किट उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें फिंगरप्रिंट किट, टेस्ट किट, नारकोटिक्स डिटेक्शन किट, कलेक्शन एवं सेक्सुअल असॉल्ट किट, डिजिटल इन्वेस्टिगेशन किट, एक्सप्लोसिव डिटेक्शन किट तथा फुट एवं टायर प्रिंट कास्टिंग किट शामिल हैं।

इसके अलावा वेन में लैपटॉप, स्कैनर-कम-प्रिंटर, बॉडी वॉर्न कैमरा, स्क्रीन और पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम सहित साक्ष्यों के कलेक्शन, पैकिंग, प्रिजर्वेशन और सीजर से संबंधित आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध हैं।

मोबाइल फॉरेंसिक वेन की सहायता से गंभीर अपराधों के घटनास्थल से भौतिक, जैविक और डिजिटल साक्ष्यों को वैज्ञानिक तरीके से एकत्र करने और सुरक्षित रखने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सकेगी। घटनास्थल पर ही साक्ष्यों का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण होने से उनकी वैज्ञानिक अखंडता बनाए रखने में मदद मिलेगी। इससे विवेचना को अधिक तथ्यपरक और साक्ष्य आधारित बनाने में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।

वैज्ञानिक साक्ष्य अपराध अनुसंधान में अहम

पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने कहा कि गंभीर अपराधों की विवेचना में वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। मोबाइल फॉरेंसिक वेन का जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे घटनास्थल से साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता से पुलिस को घटनास्थल पर आवश्यक साक्ष्य जुटाने में सुविधा मिलेगी। साथ ही साक्ष्यों के संरक्षण और उनके वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया को भी बेहतर किया जा सकेगा।

पुलिसकर्मियों को सौंपी गई जिम्मेदारी

मोबाइल फॉरेंसिक वेन के संचालन की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक ने संबंधित पुलिसकर्मियों को सौंपी। उन्होंने एसएनएसयू शाखा में पदस्थ प्रधान आरक्षक क्रमांक 92 चंद्रशेखर शर्मा, आरक्षक क्रमांक 228 सुरेश कुशवाह और आरक्षक चालक क्रमांक 655 करन को वेन सुपुर्द कर विधिवत रवाना किया।

अशोकनगर पुलिस के लिए मोबाइल फॉरेंसिक वेन की उपलब्धता अपराध अनुसंधान में आधुनिक फॉरेंसिक विज्ञान और तकनीकी संसाधनों के उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे गंभीर अपराधों के मामलों में घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने की क्षमता मजबूत होगी और साक्ष्य आधारित विवेचना को भी गति मिलने की उम्मीद है।

हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र ताम्रकार