राजगढ़ः फर्जी बोर्ड से बेच रहे थे 10वीं- 12वीं की मार्कशीट, दो सगे भाई गिरफ्तार

 


राजगढ़, 21 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के कोतवाली थाना पुलिस ने दस्तावेजों के सत्यापन के आधार पर 10वीं और 12वीं की फर्जी अंकसूची व प्रमाण-पत्र जारी कर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले एक फर्जी शिक्षा बोर्ड का पर्दाफाश कर दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर बोर्ड ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन दिल्ली के नाम से ऑनलाइन परीक्षाएं आयोजित कर अभ्यर्थियों से रुपए वसूलते थे और फर्जी मार्कशीट उपलब्ध कराते थे।

पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी ने मंगलवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष में आयोजित प्रेसवार्ता में खुलासा करते हुए बताया कि ग्राम नाटाराम थाना खिलचीपुर निवासी कुमेरसिंह पुत्र रोडीलाल भिलाला ने शिकायत दर्ज कराई कि जीनियस कंप्यूटर एजुकेशन सेंटर के संचालक कुनाल मेवाड़े ने उसकी पत्नी गायत्री भिलाला को 10वीं और 12वीं की फर्जी अंकसूची उपलब्ध कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।

उन्होंने बताया कि विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने संबंधित बोर्ड के दस्तावेजों और पते का सत्यापन कराया। दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय और स्कूल शिक्षा विभाग से मिली जानकारी में स्पष्ट हुआ कि बोर्ड ऑफ हायर सेकेंडरी एजुकेशन दिल्ली नाम का कोई भी बोर्ड शासन से मान्यता प्राप्त नहीं है। पुलिस ने मामले में राजू (47) पुत्र हरिशंकर मेवाड़े और कुनाल (41)पुत्र हरिशंकर मेवाड़े निवासी राजगढ़ को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपित कुनाल मेवाड़े ने बताया कि वह फर्जी बोर्ड की वेबसाइट पर विद्यार्थियों का पंजीयन करता था,जबकि उसका भाई राजू मेवाड़े अपने पूर्वी विद्या निकेतन संस्थान में इन परीक्षाओं का संचालन कराता था।

पुलिस के अनुसार दोनों आरोपितों के खिलाफ पहले भी विभिन्न आपराधिक मामले दर्ज हैं। अब यह जांच की जा रही है कि इस फर्जी बोर्ड के माध्यम से कितने विद्यार्थियों को प्रमाण- पत्र जारी किए गए और इस पूरे नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक