नामांतरण के लिए सात हजार की रिश्वत लेते पटवारी गिरफ्तार, लोकायुक्त ने सह-आरोपी समेत दबोचा
राजगढ़, 20 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के जीरापुर में भूमि नामांतरण के बदले रिश्वत मांगने वाले पटवारी को लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। भोपाल लोकायुक्त की टीम ने पटवारी सीमा दांगी को सात हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा। कार्रवाई जीरापुर की सिरपोई कॉलोनी स्थित पटवारी के निजी कार्यालय में की गई। मामले में रिश्वत की राशि लेने में सहयोग करने वाले सह-आरोपी जमना प्रसाद उर्फ बबलू पुत्र श्यामलाल वर्मा, निवासी जीरापुर को भी गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के अनुसार ग्राम श्यामपुरा निवासी राम प्रसाद दांगी ने 13 अगस्त को लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय, भोपाल में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने हल्का नंबर 78 के अंतर्गत ग्राम खेजड़िया स्थित खसरा नंबर 407/1 की भूमि के नामांतरण के लिए आवेदन किया था। आवेदन की स्थिति जानने के लिए जब उसने पटवारी सीमा दांगी से संपर्क किया तो आरोप है कि नामांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के एवज में पटवारी ने सात हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
शिकायत प्राप्त होने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वत मांगने के आरोप का सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत की मांग की पुष्टि होने पर लोकायुक्त भोपाल के पुलिस अधीक्षक सुनीलकुमार पाटीदार के निर्देश पर ट्रैप दल गठित किया गया।
गुरुवार को पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई की। पटवारी ने रिश्वत की सात हजार रुपये की राशि सह-आरोपी जमना प्रसाद उर्फ बबलू के माध्यम से प्राप्त की। जैसे ही रिश्वत की रकम ली गई, लोकायुक्त टीम ने दोनों आरोपितों को पकड़ लिया।
लोकायुक्त पुलिस ने दोनों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988, संशोधन 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
ट्रैप कार्रवाई के दौरान उप पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र सिंह, निरीक्षक रजनी तिवारी, जीएस मर्सकोले, प्रधान आरक्षक मुकेश पटेल, आरक्षक मनमोहन साहू, रवि शर्मा सहित लोकायुक्त टीम के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक