सशस्त्र सेना झंडा दिवस: राज्यपाल ने भोपाल कलेक्टर को प्रशिस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह से सम्मानित

 




भोपाल 26 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि के लिए निर्धारित लक्ष्य राशि की सफलतापूर्वक पूर्ति करने पर प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।

उक्त प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह मंगलवार को कर्नल राजीव खत्री द्वारा कलेक्टर भोपाल को औपचारिक रूप से भेंट किया गया। इस अवसर पर जिला प्रशासन एवं जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के अधिकारियों ने इसे पूर्व सैनिकों, वीरनारियों एवं उनके आश्रितों के कल्याण के प्रति समाज की संवेदनशीलता एवं सहयोग का प्रतीक बताया। साथ ही सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि में योगदान देने वाले सभी नागरिकों, संस्थाओं एवं अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि की लक्ष्य राशि की पूर्ति पर सीहोर कलेक्टर को किया गया सम्मानित

सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि में निर्धारित लक्ष्य राशि से अधिक पूर्ति करने पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल की तरफ से जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल राजीव खत्री द्वारा सीहोर कलेक्टर बालागुरू के. को भी प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया है।

इस गौरवपूर्ण अवसर पर कलेक्टर बालागुरू के., जिला प्रशासन एवं जिला सैनिक कल्याण कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इस उपलब्धि को जिले वासियों की राष्ट्र के प्रति निष्ठा का प्रमाण बताते हुए कहा कि यह सम्मान हमारे पूर्व सैनिकों, वीर नारियों (शहीद वीरांगनाओं) एवं उनके आश्रितों के कल्याण के प्रति सीहोर जिले की संवेदनशीलता, तत्परता और निरंतर सहयोग का एक उत्कृष्ट प्रतीक है।

कलेक्टर बालागुरू के. ने कहा कि भारतीय सेना के तीनों अंग देश की रक्षा के लिए सदैव सजग रहते हैं। देश की सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ देश की आंतरिक सुरक्षा एवं प्राकृतिक आपदा के समय नागरिकों की सुरक्षा में भी सेना का बहुत बड़ा योगदान है। कर्तव्य-पालन में हमारे अनेक सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए हैं। उनके बलिदान एवं योगदान के लिए राष्ट्र उनका कृतज्ञ है। झंडा दिवस पर सशस्त्र सेनाओं के आश्रितों के कल्याण एवं पुनर्वास के लिये झंडा दिवस कोष में उदारतापूर्वक योगदान के जरिए उनके प्रति कृतज्ञता और एकजुटता प्रदर्शित करने का एक उत्तम अवसर है।

कलेक्टर ने बताया कि इस राशि का उपयोग शहीद सैनिक की विधवाओं, दिव्यांग हुए सैनिकों एवं अन्य भूतपूर्व सैनिकों के कल्याण के लिये किया जाता है। पूरा देश झण्डा दिवस पर अपना अनुदान देकर सेना के प्रति अपनी एकता कीभावना को व्यक्त करता है, जिससे सैनिक भी आश्वस्त होते हैं कि संपूर्ण देश उनके परिवार की सहायता के लिये प्रतिबद्ध है। इस दिवस पर हमारे देश के सैनिकों और देशवासियों के मध्य जो एक अपनेपन और विश्वास का रिश्ता है वो सुदृढ़ और आत्मीय होता है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर