उमरिया : फिर हुई बाघ शावक की मौत, प्रबंधन ने बताया आपसी संघर्ष कारण

 


उमरिया, 16 अप्रैल (हि.स.)। विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व क्षेत्र में एक बार फिर बाघ शावक की मौत का मामला सामने आया है। घटना के बाद पार्क प्रबंधन ने प्रारंभिक जांच में मृत्यु का कारण आपसी संघर्ष बताया है।

डॉ. अनुपम सहाय ने गुरूवार को जानकारी देते हुए बताया कि 15 अप्रैल 2026 को बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व के पनपथा कोर परिक्षेत्र की बघडो बीट में एक बाघ शावक (लिंग अज्ञात) मृत अवस्था में मिला। सूचना मिलते ही NTCA प्रोटोकॉल के तहत वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में डॉग स्क्वॉड बुलाया गया तथा क्षेत्र की सघन सर्चिंग कराई गई। साथ ही मेटल डिटेक्टर से भी जांच की गई।

इसके बाद निर्धारित एसओपी के अनुसार वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी, बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व और मानपुर के खंड पशु चिकित्सा अधिकारी की टीम ने शव परीक्षण किया। पोस्टमार्टम के बाद प्रभारी क्षेत्र संचालक, उपसंचालक, राजस्व अधिकारी, NTCA प्रतिनिधि तथा जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में शावक का अंतिम संस्कार किया गया।

प्रबंधन के अनुसार, प्रथम दृष्टया मौत का कारण आपसी संघर्ष सामने आया है। फिलहाल विभागीय टीम कैंप हाथियों की सहायता से क्षेत्र में सर्च अभियान चला रही है और मामले की जांच जारी है।

हालांकि, लगातार हो रही बाघों की मौतों पर सवाल भी उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बार मौत का कारण आपसी संघर्ष बताया जाता है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया जाता कि संघर्ष किससे हुआ, दूसरे घायल वन्यजीव की तलाश क्यों नहीं की जाती और उसका उपचार क्यों नहीं कराया जाता।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्‍द्र त्रिपाठी