पशुपालन विभाग के तबादलों का विवाद सीएम दफ्तर पहुंचा, प्रभावित अधिकारियों ने उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई

 


भोपाल, 04 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग में हाल ही में हुए प्रशासनिक तबादलों को लेकर विवाद गहरा गया है। तबादलों से असंतुष्ट प्रदेशभर के पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ और सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचकर स्थानांतरण आदेशों को निरस्त करने तथा पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।

प्रभावित अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव और पशुपालन विभाग के सचिव के स्टाफ को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि विभाग द्वारा 15, 16 और 18 जून 2026 को जारी स्थानांतरण आदेशों में राज्य की स्थानांतरण नीति का समुचित पालन नहीं किया गया। उनका आरोप है कि कई तबादले प्रशासनिक आवश्यकता के बजाय मनमाने तरीके से किए गए, जिससे कर्मचारियों में व्यापक असंतोष है।

अधिकारियों ने सार्थक एप के आधार पर किए गए स्थानांतरणों पर भी सवाल उठाते हुए उनकी निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना है कि केवल ऑनलाइन उपस्थिति को आधार बनाकर कई अधिकारियों का 700 से 1000 किलोमीटर दूर तबादला कर दिया गया, जबकि वास्तविक परिस्थितियों और कार्यस्थल की जरूरतों का पर्याप्त मूल्यांकन नहीं किया गया।

नोडल अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल

ज्ञापन में राज्य स्तरीय नोडल अधिकारी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि स्थानांतरण प्रक्रिया में समानता और पारदर्शिता का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि कुछ प्रभावशाली अधिकारियों को स्थानांतरण सूची से बाहर रखा गया, जबकि अन्य कर्मचारियों को दूरस्थ स्थानों पर भेज दिया गया। प्रभावित अधिकारियों ने मुख्यमंत्री कार्यालय से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए स्थानांतरण आदेशों की समीक्षा करने और न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे