अनूपपुर: फ्लाई ऐश उपयोगिता पर अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई को मिला राष्ट्रीय पुरस्कार

 


अनूपपुर, 05 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में स्थित अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई को फ्लाई ऐश के वैज्ञानिक, सुनियोजित एवं अधिकतम उपयोग हेतु किए जा रहे सतत् प्रयास करने के लिए गोवा में आयोजित 15वें फ्लाई ऐश उपयोगिता पुरस्कार 2026 समारोह में चार प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा गया।

साथ ही प्रदेश की सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी, श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह दोंगलिया भी शामिल हैं। ऊर्जा एवं पर्यावरण प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहित करने वाली एक प्रतिष्ठित संस्था मिशन एनर्जी फाउंडेशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय समारोह में यह सम्मान प्रदान किए गए।

मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने विद्युत उत्पादन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में अपनी प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि अर्जित की है। कंपनी के अमरकंटक ताप विद्युत गृह को स्टेट सेक्टर पब्लिक यूटिलिटी 500 मेगावाट से कम वर्ग में एवं श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह को मिले दो पुरस्कार-समारोह में सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी को स्टेट सेक्टर 500 से 1500 मेगावाट तक वर्ग में फ्लाई ऐश के उत्कृष्ट व असाधारण उपयोग करने करने के लिए पुरस्कृत किया गया। वहीं श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना को दो सर्वोच्च सम्मान फ्लाई ऐश के उत्कृष्ट व असाधारण उपयोग करने और ओवरऑल चैंपियन-फ्लाई ऐश मैनेजमेंट एक्सीलेंस के लिए प्रदान किए गए।

एक करोड़ से अधिक मीट्रिक टन फ्लाई ऐश का निस्तरण-श्री सिंगाजी ताप विद्युत गृह दोंगलिया (खंडवा) द्वारा वित्तीय वर्ष 2024–25 के दौरान कुल 61,21,066 मीट्रिक टन ऐश का सफलतापूर्वक निस्तारण एवं उपयोग सुनिश्चित किया गया। यह उपलब्धि 161 प्रतिशत उपयोगिता दर को दर्शाती है। यह न केवल वर्तमान फ्लाई ऐश के शत-प्रतिशत उपयोगिता का प्रमाण है, बल्कि पूर्व में संचित (लीगेसी) ऐश के बड़े पैमाने पर वैज्ञानिक निस्तारण को भी रेखांकित करती है। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी ने वित्तीय वर्ष 2023 से 2025 तक के निर्धारित किए गए लक्ष्य को 119 प्रतिशत की संचयी उपयोगिता दर से आसानी से हासिल कर 34,12,785 मीट्रिक टन रख को निष्पादित किया।

अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में 204 प्रतिशत की उपयोगिता दर से 6,66,438 मीट्रिक टन राख का निस्तारण किया। इस प्रकार तीन ताप विद्युत गृहों द्वारा 1,02,00,289 मीट्रिक टन फ्लाई ऐश का निस्तारण किया।

समर्पण, तकनीकी दक्षता एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व का प्रतिफल है सम्मान

प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने पावर जनरेटिंग कंपनी के ताप विद्युत गृहों फ्लाई ऐश के उपयोगिता के उच्च मापदंड हासिल करने और चार प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने पर कहा कि यह सम्मान हमारी पूरी टीम के समर्पण, तकनीकी दक्षता एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व का प्रतिफल है। ताप विद्युत गृहों में 100% से अधिक दर से फ्लाई ऐश उपयोगिता प्राप्त करना हमारे लिए अत्यंत गर्व का विषय है। डायरेक्टर टेक्नि1कल सुबोध निगम ने पावर हाउस प्रमुख एवं तकनीकी टीमों को बधाई देते हुए कहा कि कंपनी द्वारा अपनाई गई प्रगतिशील तकनीक, कुशल प्रबंधन एवं पर्यावरणीय मानकों के प्रति सजग दृष्टिकोण ने पावर जनरेटिंग कंपनी को फ्लाई ऐश प्रबंधन के क्षेत्र में राष्ट्रीय अग्रणी संस्थानों की श्रेणी में स्थापित किया है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला