भोपाल-राजगढ़ को जोड़ने वाला वैकल्पिक मार्ग बंद, पार्वती नदी का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन ने लगाई रोक

 


भोपाल, 07 जुलाई (हि.स.) । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और राजगढ़ जिले को आपस में जोड़ने वाले बैरसिया-नरसिंहगढ़ मार्ग पर स्थित पार्वती नदी के अस्थायी वैकल्पिक मार्ग से आवागमन को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। सोमवार देर रात बैरसिया एसडीएम आशुतोष शर्मा ने नदी में बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए यह आपातकालीन आदेश जारी किए।

एसडीएम आशुतोष शर्मा द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, लगातार हो रही बारिश के कारण पार्वती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पानी का स्तर बढ़ने से मेघरा नवीन गांव के पास नदी के बीचों-बीच बनाया गया अस्थायी वैकल्पिक मार्ग पूरी तरह डूब चुका है। पानी का बहाव इतना तेज है कि यहां से किसी भी वाहन या व्यक्ति का गुजरना अत्यंत जोखिमपूर्ण और जानलेवा साबित हो सकता है। जान-माल के खतरे को टालने के लिए प्रशासन ने इस मार्ग के उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश

प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर डाल दिया है। एसडीएम ने लोक निर्माण विभाग, जनपद पंचायत और स्थानीय पुलिस को निर्देशित किया है कि प्रतिबंधित मार्ग के दोनों ओर तुरंत मजबूत बैरिकेडिंग की जाए। साथ ही, वहां बड़े-बड़े चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा संकेतक लगाए जाएं ताकि कोई भी नागरिक अनजाने में या जोखिम उठाकर इस डूबे हुए मार्ग पर न जाए। आदेश के कड़ाई से पालन के लिए तहसीलदार, नायब तहसीलदार और पुलिस बल को लगातार मौके पर गश्त और सतत निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यात्रियों को सुरक्षित अन्य वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया जा रहा है।

नियम तोड़ने पर होगी कड़ी वैधानिक कार्रवाई

यह प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और आगामी आदेश तक जारी रहेगा। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता है या प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त दंडात्मक व वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

इन जिलों का संपर्क टूटा

इस मार्ग का उपयोग केवल भोपाल और राजगढ़ के लोग ही नहीं, बल्कि गुना, विदिशा, शिवपुरी, अशोकनगर, आगर-मालवा, शाजापुर, इंदौर और उज्जैन आने-जाने के लिए भी बड़े पैमाने पर किया जाता है। जब मुख्य ब्रिज पूरी तरह ठीक था, तब यहां से रोजाना करीब 1.5 से 2 लाख लोग सफर करते थे। वर्तमान में भी वैकल्पिक मार्ग से रोजाना 8 से 10 हजार लोग गुजर रहे थे, जिन्हें अब रास्ता बंद होने से लंबे चक्कर का सामना करना पड़ेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत