अमृत-2 योजना की लापरवाही: सड़क के बाद अब पेयजल संकट की मार, पाइपलाइन फूटने से बर्बाद हाे रहा पानी
मंदसौर, 30 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मंदसौर शहर में अमृत-2 योजना के तहत चल रहे सीवरेज कार्यों की लापरवाही अब लोगों के लिए नई परेशानी बनती जा रही है। पहले खराब सड़कों की समस्या से जूझ रहे शहरवासियों के सामने अब पेयजल संकट भी खड़ा हो गया है। ताजा मामला मेघदूत नगर स्थित गोल्डन टाउनशिप के पीछे का है, जहां सीवरेज चेंबर निर्माण के दौरान पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई।
पाइपलाइन टूटने से हजारों लीटर पानी सड़क पर बह गया। वहीं आसपास के कई घरों की जलापूर्ति प्रभावित हुई, जिससे रहवासियों को पानी के लिए परेशान होना पड़ा। लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान न तो पर्याप्त निगरानी रखी जा रही है और न ही जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद रहते हैं।
रहवासियों ने बताया कि यदि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के तुरंत बाद मरम्मत कर दी जाती तो पानी की बर्बादी रोकी जा सकती थी, लेकिन समय पर सुधार कार्य नहीं होने से बड़ी मात्रा में पेयजल व्यर्थ बह गया। शिकायत के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने से लोगों में नाराजगी है।
पहली बारिश में खुली सीवरेज कार्यों की पोल
अमृत-2 योजना के तहत सीवरेज लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की स्थिति भी बारिश के बाद खराब हो गई है। कई स्थानों पर कीचड़, गड्ढे और जलभराव की समस्या सामने आ रही है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह फिसलन के कारण दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि विकास कार्यों के नाम पर सड़कें खोद दी गईं, लेकिन उन्हें समय पर और गुणवत्ता के साथ दुरुस्त नहीं किया गया। बारिश के मौसम में समस्या और गंभीर हो गई है।
जवाबदेही तय करने की मांग
स्थानीय लोगों ने निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि क्षतिग्रस्त पेयजल पाइपलाइन की स्थायी मरम्मत कराई जाए और सीवरेज कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते लापरवाही पर रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले दिनों में शहरवासियों को पेयजल, सड़क और यातायात जैसी समस्याओं से और अधिक जूझना पड़ सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया