सीहोर जिला जेल में कैदी की संदिग्ध मौत, परिजनों ने इलाज में लापरवाही के लगाए आरोप

 


सीहोर, 24 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सीहोर जिला जेल में बुधवार सुबह एक कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान श्रीराम वर्मा के रूप में हुई है, जो इच्छावर क्षेत्र में हुए एक मारपीट के मामले में न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद था। घटना के बाद परिजनों ने जेल प्रशासन पर समय पर उपचार नहीं कराने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

जानकारी के अनुसार श्रीराम वर्मा की तबीयत बिगड़ने पर उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत के बाद परिजनों में आक्रोश व्याप्त है। उनका आरोप है कि श्रीराम की तबीयत पहले से खराब थी, लेकिन जेल प्रबंधन ने उसकी स्वास्थ्य स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाती तो उसकी जान बच सकती थी।

जेल प्रशासन की चुप्पी से उठे सवाल

घटना के बाद जेल प्रशासन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जेल अधिकारियों द्वारा मीडिया से दूरी बनाए रखने के कारण मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच शुरू होने की जानकारी सामने आई है।

जमीनी विवाद से जुड़े मारपीट मामले में था बंद

श्रीराम वर्मा को 26 अप्रैल को इच्छावर थाना क्षेत्र के ग्राम कालापीपल में हुई मारपीट और हिंसक झड़प के मामले में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार यह विवाद पुराने जमीन संबंधी विवाद को लेकर शुरू हुआ था। फरियादी नेपाल वर्मा की शिकायत के अनुसार उनका भाई अनूप सिंह वर्मा खेत पर मोटर चालू करने गया था, जहां मनोज वर्मा और अनार सिंह वर्मा से उसका विवाद हो गया। आरोप है कि दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मामला बढ़ गया और आरोपी हथियार लेकर घर तक पहुंच गए।

शिकायत में कहा गया था कि जब परिवार के सदस्य विवाद शांत कराने पहुंचे, तब दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई। इस दौरान कई लोग घायल हुए, जिनमें कैलाश वर्मा को गंभीर चोटें आई थीं। पुलिस ने मामले में अनार सिंह वर्मा, श्रीराम वर्मा, मनोज वर्मा, सीता बाई और दुर्गाप्रसाद के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई की थी।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल श्रीराम वर्मा की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा नहीं हुआ है। मौत बीमारी, स्वास्थ्य संबंधी किसी अन्य कारण या किसी अन्य परिस्थिति में हुई, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। वहीं परिजन जेल प्रशासन की भूमिका की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई

घटना के बाद जिला जेल और अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रशासन का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है तथा जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे