मध्य प्रदेश में आज 10 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट, 25-26 सितंबर को स्ट्रॉन्ग सिस्टम का रहेगा असर

 


- पूर्वी हिस्से में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

भोपाल, 24 सितम्बर (हि.स.)। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर बारिश का दौर तेज होने वाला है। बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम के असर से गुरुवार को 10 जिलों में भारी बारिश का अनुमान है, जबकि 25 और 26 सितंबर को पूर्वी मध्यप्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। इन दोनों दिनों में पश्चिमी हिस्से में भी भारी बारिश की संभावना जताई है।

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसत 34.3 इंच (870.5 मिमी) बारिश हो चुकी है, जो सामान्य कोटे की 91.9 प्रतिशत है। सामान्य बारिश के मुकाबले प्रदेश अभी 2.4 इंच पीछे है। बंगाल की खाड़ी में बना अवदाब सक्रिय है और इसके प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। गुरुवार को छतरपुर, पन्ना, सतना, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश होने का अनुमान है।

वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, अनूपपुर, सागर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है।

पूर्वानुमान के मुताबिक 25 और 26 सितंबर को पूर्वी मध्यप्रदेश में बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं पश्चिमी मध्यप्रदेश में दोनों दिन भारी बारिश की चेतावनी है। गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां भी कई स्थानों पर देखने को मिल सकती हैं। इस सिस्टम के कारण मानसून की विदाई से ठीक पहले प्रदेश में एक और बारिश का दौर बनने की स्थिति है। दक्षिण-पश्चिम मानसून का सामान्य समय 1 जून से 30 सितंबर तक माना जाता है।

इससे पहले बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई। भोपाल में रुक-रुककर कभी तेज तो कभी हल्की बारिश होती रही। नर्मदापुरम के इटारसी में करीब आधे घंटे तक तेज बारिश हुई। खरगोन में तेज बारिश के कारण अनाज मंडी में रखा करीब 200 क्विंटल मक्का भीग गया। खंडवा और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में भी बारिश दर्ज की गई।

आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अब तक 870.5 मिमी यानी 34.3 इंच बारिश दर्ज हुई है। इस अवधि में सामान्य बारिश 931.7 मिमी यानी 36.7 इंच होनी चाहिए थी। इस लिहाज से प्रदेश में अभी 2.4 इंच बारिश कम है। ओवरऑल बारिश सामान्य से करीब 7 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से करीब 2 प्रतिशत कम, जबकि पश्चिमी हिस्से में करीब 11 प्रतिशत कम है। पिछले एक सप्ताह में बारिश होने से पूर्वी हिस्से की स्थिति में सुधार आया है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 प्रतिशत से 23 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज हुई है।

आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से कम बारिश हुई है। इन जिलों में कमी करीब 8 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक है। प्रदेश के 23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड हुई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।

मानसून की सामान्य अवधि खत्म होने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं। ऐसे में 25-26 सितंबर को बनने वाला बारिश का दौर प्रदेश के मौजूदा बारिश के आंकड़े को और सुधार सकता है। ताजा पूर्वानुमान में 27 सितंबर को भी पूर्वी मध्यप्रदेश में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत