अनूपपुर: कृषि अधिकारियों एवं वैज्ञानिकों ने जैतहरी विकासखंड के 4 ग्रामों की फसलों का किया निरीक्षण
अनूपपुर, 08 अक्टूबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के अधिकारियों एवं कृषि विज्ञान केन्द्र, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के वैज्ञानिकों ने गुरूवार को जैतहरी विकासखंड के विभिन्न ग्रामों का भ्रमण कर किसानों के खेतों में लगी फसलों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान ग्राम गौरेला, ठेही, गुबरी एवं पगना में धान, अरहर, कोदो एवं कुटकी की फसलों की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया गया।
कृषि विज्ञान केन्द्र, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के वैज्ञानिक डॉ. अनिल कुर्मी, कृषि विभाग के अनुविभागीय अधिकारी विकास कुमार मेश्राम तथा जैतहरी विकासखंड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी रामाधार मरावी ने किसानों के खेतों का भ्रमण कर फसलों की वृद्धि एवं विकास की स्थिति का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान फसलों में संभावित कीट एवं रोग प्रकोप, पोषक तत्व प्रबंधन तथा फसल प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली गई।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. अनिल कुर्मी ने किसानों को धान, अरहर, कोदो एवं कुटकी फसलों में कीट एवं रोगों की समय पर पहचान एवं नियमित निगरानी करने की सलाह दी। उन्होंने संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने तथा आवश्यकता के अनुसार अनुशंसित समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन उपायों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने किसानों से फसल की प्रारंभिक अवस्था से ही नियमित निगरानी रखने तथा किसी भी प्रकार की समस्या दिखाई देने पर तत्काल कृषि विशेषज्ञों से तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त करने का आग्रह किया।
कृषि विभाग के अनुविभागीय अधिकारी विकास कुमार मेश्राम ने किसानों को कोदो एवं कुटकी फसलों के उपार्जन हेतु पंजीयन कराने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने किसानों को फसल उत्पादन एवं उपार्जन से संबंधित आवश्यक विभागीय प्रक्रियाओं तथा योजनाओं की जानकारी देते हुए निर्धारित समयावधि में कोदो-कुटकी का पंजीयन कराने का आग्रह किया।
वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी रामाधार मरावी ने किसानों को खेतों की नियमित निगरानी करने, मौसम एवं फसल की स्थिति के अनुरूप समय पर कृषि कार्य संपादित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर कृषि विभाग एवं कृषि विज्ञान केन्द्र से तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त करने की सलाह दी।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों एवं वैज्ञानिकों ने किसानों से फसल संबंधी समस्याओं एवं आवश्यकताओं पर चर्चा की तथा बेहतर उत्पादन एवं फसल सुरक्षा के लिए आवश्यक तकनीकी सुझाव प्रदान किए। अधिकारियों ने किसानों से कृषि विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही सलाह के अनुरूप फसल प्रबंधन अपनाने का आग्रह किया।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला