आगरमालवा जिला जल अभावग्रस्त घोषित
आगरमालवा, 26 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के आगरमालवा जिले में लगातार गिरते भू-जल स्तर एवं संभावित पेयजल संकट को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी प्रीति यादव ने गुरुवार को मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 (संशोधन 2002 एवं 2022) के अंतर्गत आगरमालवा जिले को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है।
जारी आदेशानुसार जिले में अधिनियम की धारा 6(1) के अंतर्गत सम्पूर्ण जिले में अशासकीय एवं निजी नलकूप खनन पर प्रतिबंध लगाया गया है। बिना संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अनुमति के कोई भी बोरिंग मशीन जिले की सीमा में प्रवेश नहीं करेगी तथा नया नलकूप खनन नहीं किया जा सकेगा। अवैध रूप से नलकूप खनन करने या प्रतिबंध का उल्लंघन करने पर मशीन जब्त कर एफआईआर दर्ज की जाएगी। राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों को कार्रवाई हेतु अधिकृत किया गया है। शासकीय योजनाओं के अंतर्गत किए जाने वाले नलकूप उत्खनन पर यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा। आवश्यकता पड़ने पर निजी जल स्रोतों का अधिग्रहण सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था हेतु किया जा सकेगा। यह आदेश 25 मार्च 2026 से प्रभावशील होकर 31 जुलाई 2026 तक लागू रहेगा। आदेश में आवश्यक मामलों में जांच उपरांत अनुमति देने का अधिकार संबंधित एसडीएम को प्रदान किया गया है। आदेश का उल्लंघन करने पर प्रथम अपराध में 5,000 रुपये तक जुर्माना तथा पुनरावृत्ति पर 10,000 रुपये तक जुर्माना या दो वर्ष तक कारावास का प्रावधान किया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / रितेश शर्मा