अनूपपुर: रक्सा-कोलमी विद्युत परियोजना पर कंपनी का पक्ष, कहा- सभी कार्य नियमों के तहत, अफवाहों से बचें

 


अनूपपुर, 31 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के रक्सा और कोलमी क्षेत्र में प्रस्तावित विद्युत उत्पादन परियोजना को लेकर उठ रहे सवालों के बीच न्यू जोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और टोरेंट पावर ने अपना पक्ष सामने रखा है। कंपनी का कहना है कि परियोजना से जुड़े सभी कार्य शासन-प्रशासन और संबंधित विभागों से प्राप्त अनुमतियों के अनुरूप किए जा रहे हैं तथा कुछ बाहरी तत्व भ्रामक जानकारी फैलाकर लोगों में भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं।

कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि ने हिन्दुस्थान समाचार से बातचीत में बताया कि परियोजना से संबंधित सभी गतिविधियां वैधानिक प्रक्रियाओं और निर्धारित नियमों के तहत संचालित की जा रही हैं। उनका कहना है कि विकास और रोजगार से जुड़े प्रयासों को गलत संदर्भों में प्रस्तुत कर वास्तविक स्थिति को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है, जबकि उपलब्ध दस्तावेज और स्वीकृतियां परियोजना की वैधता को स्पष्ट रूप से प्रमाणित करती हैं।

भूमि संबंधी आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कंपनी ने कहा कि जिन खसरा नंबर 491, 493, 258, 264 और 279 का उल्लेख विभिन्न शिकायतों में किया जा रहा है, उन भूखंडों पर कंपनी की ओर से कोई निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा है। कंपनी के अनुसार ये भूमि उसके फेंसिंग क्षेत्र से बाहर हैं और वहां न तो किसी प्रकार की वृक्ष कटाई कराई गई है और न ही निर्माण गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

गोहडरू नाला से जुड़े आरोपों को भी कंपनी ने निराधार बताया है। प्रतिनिधि के अनुसार सोन नदी की सहायक धारा गोहडरू नाला पर जलापूर्ति और एनीकट निर्माण से जुड़े कार्य सक्षम अधिकारियों से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करने के बाद ही किए जा रहे हैं। कंपनी का दावा है कि पर्यावरणीय और तकनीकी मानकों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है।

वृक्ष कटाई के मुद्दे पर कंपनी ने स्पष्ट किया कि कुछ क्षेत्रों में नीलगिरी, बांस और छूला प्रजाति के पेड़ों की कटाई स्थानीय किसानों द्वारा ग्राम पंचायत की अनुमति से कराई गई थी, जिसमें कंपनी की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी। वहीं परियोजना से संबंधित आवश्यक वृक्ष कटाई केवल संबंधित विभागों से अनुमति मिलने के बाद ही की गई है।

कंपनी प्रबंधन का कहना है कि परियोजना प्रभावित क्षेत्र के अनेक ग्रामीण विकास कार्यों में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं और परियोजना को सकारात्मक दृष्टि से देख रहे हैं। रोजगार के अवसरों, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और क्षेत्रीय विकास की संभावनाओं के कारण स्थानीय स्तर पर सहयोग मिल रहा है। कंपनी के अनुसार ग्रामीणों के साथ लगातार संवाद बनाए रखा जा रहा है और उनके सुझावों को भी महत्व दिया जा रहा है।

प्रतिनिधि ने यह भी कहा कि कुछ ऐसे लोग परियोजना का विरोध कर रहे हैं जिनका क्षेत्र से प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। कंपनी का आरोप है कि ऐसे लोग अधूरी और एकपक्षीय जानकारियों के आधार पर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे वास्तविक हितधारकों की आवाज प्रभावित हो रही है।

कंपनी ने कहा कि किसी भी विकास परियोजना को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है, लेकिन उनका समाधान तथ्यों, दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रियाओं के आधार पर होना चाहिए। बिना पर्याप्त प्रमाणों के लगाए गए आरोप न केवल लोगों को गुमराह करते हैं, बल्कि क्षेत्र के विकास कार्यों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।

टोरेंट पावर ने दोहराया कि वह शासन, प्रशासन और सभी नियामक संस्थाओं के साथ पूर्ण पारदर्शिता के साथ कार्य कर रही है। कंपनी का कहना है कि विकास, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय जनहित के बीच संतुलन बनाए रखते हुए परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा और भविष्य में भी सभी गतिविधियां निर्धारित कानूनी एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप संचालित होती रहेंगी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला