राजगढ़ः कलेक्टर ने की विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा
राजगढ़,1 जुलाई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में कलेक्टर डॉ. गिरीशकुमार मिश्रा ने बुधवार को आयोजित समय-सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के कामकाज की कड़ी करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में श्रम योगी मानधन योजना के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के अधिक से अधिक पंजीयन के लिए विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए गए। वहीं आगामी वृहद पौधरोपण अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने तथा जनपद पंचायतों के माध्यम से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया।
खाद वितरण व्यवस्था की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने उप संचालक कृषि, जिला विपणन अधिकारी और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक से उपलब्धता और वितरण की जानकारी ली। उन्होंने निजी समितियों द्वारा एक टोकन पर किए गए खाद वितरण का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही बैंकिंग धोखाधड़ी के मामलों की नियमित जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
पीएमएफएमई योजना में अपेक्षित आवेदन नहीं मिलने पर कलेक्टर ने जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र के महाप्रबंधक को लक्ष्य के अनुरूप आवेदन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के वेतन रोकने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए। खिलचीपुर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को अगली समय-सीमा बैठक तक संबंधित ठेकेदार से नियमानुसार वसूली करने के निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित अवधि तक कार्रवाई नहीं होने पर सीएमओ के निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में आंगनवाड़ी केंद्रों में सोलर लाइट स्थापना, ई-ऑफिस में लंबित प्रकरणों और सार्थक पोर्टल की समीक्षा भी की गई। सार्थक पोर्टल पर कम उपस्थिति एवं बैठक से अनुपस्थित रहने पर डीएम नान के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं समय-सीमा से बाहर लंबित आवेदनों का निराकरण नहीं करने पर चार पंचायत सचिवों सहित तीन नायब तहसीलदार न्यायालयों पर 500-500 रुपए का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा शिकायतों का गलत तरीके से ट्रांसफर करने पर लोक सेवा प्रबंधक एवं जल निगम के प्रति भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक