राजगढ़ः कलेक्टर की अनुकरणीय पहल, “संवाद से समाधान” कार्यक्रम बना जनविश्वास का आधार

 


राजगढ़, 5 मई (हि.स.)। मध्‍य प्रदेश के राजगढ़ जिले में ज‍िला कलेक्टर डॉ. गिरीशकुमार मिश्रा द्वारा प्रारंभ किया गया अभिनव कार्यक्रम “संवाद से समाधान” जिले में जनसमस्याओं के त्वरित निवारण का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। मंगलवार को आयोजित इस कार्यक्रम में कलेक्टर स्वयं उपस्थित होकर प्रत्येक शिकायतकर्ता से सीधा संवाद करते हैं और संबंधित विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करते हैं। इसी कारण नागरिकों में इस पहल के प्रति विशेष विश्वास और लगाव बढ़ा है।

कार्यक्रम में सहकारिता विभाग से जुड़ी कुल पांच शिकायतों का तत्काल निपटारा किया गया। ग्राम भाटखेड़ा के शिकायतकर्ता शिवराजसिंह ने डीएपी खाद उपलब्ध नहीं कराने की समस्या बताई। जांच में शिकायत सही मिलने पर कलेक्टर ने समिति प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने और ई-टोकन न देने पर कार्रवाई के निर्देश दिए। कार्यक्रम में संतोषसिंह राजपूत ने लक्ष्मी उमरी समिति में लगभग 7 लाख रुपए की अनियमित निकासी और बिना सूचना वेतन वृद्धि की शिकायत की। मामले की गंभीरता देखते हुए कलेक्टर ने प्रकरण को फाइल पर रखने, समय-सीमा बैठक में शामिल करने तथा संबंधित डीआर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही 15 दिनों में सभी समितियों के वेतन निर्धारण की जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। वहीं गजराज सिंह ने अपने नाम पर 40 हजार रुपये के फर्जी खाद वितरण की शिकायत दर्ज कराई। कलेक्टर ने तत्काल पूर्व संस्था प्रभारी हरिसिंह से राशि वसूली करने एवं विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश जारी किए। कलेक्टर डॉ. मिश्रा की यह पहल न केवल शिकायतों के समाधान का एक सशक्त मंच सिद्ध हो रही है, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच भरोसे एवं संवाद को भी और मजबूत बना रही है। यह कार्यक्रम जिले में सुशासन की दिशा में एक प्रभावी कदम के रूप में स्थापित हो रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक