झाबुआ: सेवा भाव से कार्य का मिलेगा पुरस्कार, अनियमितता पर होगी सख्त कार्रवाई - कलेक्टर डॉ. भरसट

 




झाबुआ, 19 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिला जनपद के सचिवों एवं रोजगार सहायकों की बैठक में शामिल हुए जिला कलेक्टर डॉ योगेश तुकाराम भरसट ने पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों में अनियमितता बरतने वाले सरपंच एवं सचिवों को स्पष्ट रूप से चेतावनी देते हुए कहा कि वे कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

जिला कलेक्टर डॉ भरसट बुधवार को जिला मुख्यालय स्थित जनपद पंचायत कार्यालय में आयोजित जनपद के सचिवों एवं रोजगार सहायकों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। जनपद द्वारा आयोजित इस बैठक में संबंधित अधिकारी कर्मचारी, सचिव एवं रोजगार सहायक उपस्थित थे।

कलेक्टर ने पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए सचिवों और रोजगार सहायकों को पूरी जिम्मेदारी एवं सेवा भाव से कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि शासकीय सेवा का उद्देश्य केवल नौकरी करना नहीं, बल्कि आमजन की सेवा करना है, और सभी अधिकारी-कर्मचारियों को इसी भावना के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने मैदानी अमले को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों के कार्यों में बेहतर एवं उल्लेखनीय कार्य करने वाले मैदानी अमले, सचिवों और रोजगार सहायकों को चिन्हित कर पुरस्कृत किया जाएगा, किंतु यदि इन कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाई गई तो संबंधित सरपंच एवं सचिव के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी

कलेक्टर ने रोजगार सहायकों को वीबी-जी राम जी से संबंधित कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिलना सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि पात्र हितग्राहियों को समय पर योजना का लाभ उपलब्ध कराना अत्यंत महत्वपूर्ण है। योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिकायत की स्थिति नहीं बननी चाहिए। प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य किया जाए।

कलेक्टर डॉ. भरसट ने कहा कि सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक ग्राम विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। तीनों के आपसी समन्वय और सक्रियता से गांवों में विकास कार्यों को बेहतर ढंग से धरातल पर उतारा जा सकता है, और सामूहिक प्रयासों और बेहतर कार्यप्रणाली के माध्यम से जिले को विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने आदि सेवा केंद्रों की विशिष्ट पहचान विकसित करने पर भी जोर दिया।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. उमेश चंद्र शर्मा