बंडा: मौत को मात देकर लौटे दो शिक्षक, 'डायल 112' की तत्परता ने बचाई जान
सागर, 15 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के सागर जिले में आपातकालीन स्थिति में 'डायल-112' सेवा एक बार फिर आमजन के लिए जीवनरक्षक साबित हुई है। बंडा थाना अंतर्गत क्वायला ब्रिज के पास शुक्रवार को हुए एक सड़क हादसे में पुलिस कंट्रोल रूम की त्वरित प्रतिक्रिया और एफआरवी स्टाफ की सजगता ने दो शिक्षकों की जान बचा ली। समय पर मिले उपचार और परिजनों को दी गई सूचना के कारण एक बड़ा अनर्थ होने से टल गया।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम बमनोरा निवासी कमल सिंह गौड़ (39 वर्ष) अपने साथी मनोज साहू के साथ मोटरसाइकिल से बंडा की ओर एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। रास्ते में क्वायला ब्रिज के पास मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक चालक कमल सिंह के सिर और पैरों में गंभीर चोटें आईं और अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा।
हादसे की सूचना मिलते ही सागर पुलिस कंट्रोल रूम ने बिना देरी किए एफआरवी क्रमांक-10 को घटना स्थल के लिए रवाना किया। मौके पर तैनात आरक्षक 1135 सोवरन यादव और पायलट सोनी सिंह लोधी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय घायलों को तत्काल अपने वाहन में लिटाया और बंडा अस्पताल पहुंचे।
मरीज की हालत नाजुक थी और खून काफी बह चुका था। हमारे लिए एक-एक सेकंड कीमती था, इसलिए हमने तत्काल उन्हें अस्पताल शिफ्ट करना ही उचित समझा।— एफआरवी टीम सदस्य
टीम ने न केवल घायलों को अस्पताल पहुंचाया, बल्कि उनके मोबाइल के माध्यम से तत्काल परिजनों से संपर्क कर उन्हें हादसे की जानकारी दी। समय पर सूचना मिलने से परिजन भी अस्पताल पहुंच सके, जिससे घायलों को मानसिक संबल मिला। चूंकि मोटरसाइकिल नई थी और उसका रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं था, इसलिए पुलिस ने सुरक्षित तरीके से वाहन को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
क्षेत्रीय नागरिकों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई, संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार की जमकर प्रशंसा की है। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस और डायल-112 की टीम कुछ मिनट की देरी कर देती, तो शिक्षक कमल सिंह की स्थिति और अधिक बिगड़ सकती थी।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार चौबे