जबलपुर : शासकीय महाविद्यालयों की बदहाली पर अभाविप का ‘विद्यार्थी हुंकार अभियान’, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
जबलपुर, 27 अगस्त (हि.स.)। शासकीय महाविद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने गुरुवार को प्रदेशव्यापी ‘विद्यार्थी हुंकार अभियान’ के तहत प्रदर्शन किया। प्रदेश के विभिन्न जिलों में अभाविप कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों ने प्रदर्शन कर जिला कलेक्टरों के माध्यम से उच्च शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
इसी क्रम में जबलपुर महानगर में भी सैकड़ों विद्यार्थियों ने मार्च निकाला और कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद विद्यार्थियों ने उच्च शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए शासकीय महाविद्यालयों में व्याप्त समस्याओं के जल्द निराकरण की मांग की।
अभाविप का आरोप है कि प्रदेश के कई शासकीय महाविद्यालयों में विद्यार्थियों को स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त और स्वच्छ शौचालय, व्यवस्थित कक्षाएं, पर्याप्त फर्नीचर, बिजली एवं प्रकाश व्यवस्था, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं और खेल सुविधाएं जैसी बुनियादी सुविधाएं पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं।
इसके अलावा छात्राओं के लिए आवश्यक सुविधाएं, इंटरनेट, पार्किंग, सुरक्षा और प्राथमिक उपचार जैसी व्यवस्थाओं को भी बेहतर बनाने की मांग की गई। परिषद का कहना है कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाना जरूरी है।
ज्ञापन में अभाविप ने प्रदेश के सभी शासकीय महाविद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का तत्काल सर्वे कराने की मांग की। परिषद ने कहा कि सर्वे के आधार पर आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए ठोस कार्रवाई की जाए।
जिन कार्यों के लिए अतिरिक्त बजट की जरूरत है, उनके लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक राशि उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
अभाविप महाकौशल के प्रांत मंत्री सुव्रत बाझल ने कहा कि प्रदेश के कई शासकीय महाविद्यालय मूलभूत सुविधाओं के अभाव और जर्जर अधोसंरचना से जूझ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अनेक कॉलेजों की बाउंड्रीवॉल क्षतिग्रस्त है या पूरी तरह अनुपस्थित है, जिससे परिसरों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
उन्होंने भोपाल के एमवीएम महाविद्यालय में अभाविप के स्वच्छता अभियान के दौरान शराब की बोतलें मिलने का उदाहरण देते हुए कॉलेज परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। बाझल ने कहा कि कई महाविद्यालयों में विवेकानंद करियर गाइडेंस सेल प्रभावी रूप से संचालित नहीं हो रही हैं, जबकि कैंटीन बंद हैं और पुस्तकालयों में पठन सामग्री की कमी है।
उन्होंने कहा कि कई कॉलेजों की कंप्यूटर और विज्ञान प्रयोगशालाएं पर्याप्त संसाधनों एवं उपकरणों के अभाव में प्रभावित हैं। विद्यार्थी सहायता केंद्र सक्रिय नहीं होने के कारण छात्रों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए परेशान होना पड़ता है। उन्होंने सरकार से इन समस्याओं के त्वरित निराकरण की मांग की।
अभाविप जबलपुर महानगर मंत्री आर्यन पुंज ने कहा कि ‘विद्यार्थी हुंकार अभियान’ की शुरुआत जबलपुर में हुए प्रदर्शन से हुई है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विभिन्न रचनात्मक और आंदोलनात्मक माध्यमों से विद्यार्थियों की मांगों को उठाया जाएगा और मांगें पूरी होने तक अभियान जारी रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक