जबलपुर : छात्र के साथ हुई घटना को लेकर अभाविप का प्रदर्शन, विद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
जबलपुर, 22 अगस्त (हि.स.)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जबलपुर महानगर द्वारा सत्यप्रकाश विद्यालय में एक चतुर्थ कक्षा के विद्यार्थी के साथ हुई गंभीर घटना को लेकर शनिवार को विद्यालय परिसर में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया। अभाविप ने विद्यालय प्रशासन पर घटना के प्रति गंभीरता नहीं दिखाने तथा विद्यार्थी की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य को लेकर उचित कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्यालय में अध्ययनरत कक्षा 4 के एक विद्यार्थी के हाथ पर ड्राई आइस के संपर्क में आने से चोट आई। विद्यार्थी के परिजनों के अनुसार घटना के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे तेज बुखार भी आया। इस घटना ने विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था तथा ऐसी सामग्री के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
महानगर मंत्री आर्यन पुंज ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि विद्यालय प्रबंधन को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर घटना के लिए जिम्मेदारी तय करनी चाहिए तथा प्रभावित विद्यार्थी के स्वास्थ्य एवं उपचार को लेकर आवश्यक सहयोग प्रदान करना चाहिए। साथ ही विद्यालय में किसी भी ऐसी सामग्री के उपयोग पर उचित निगरानी और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
अभाविप कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि घटना के बाद विद्यालय प्रशासन द्वारा अपेक्षित गंभीरता से कार्रवाई नहीं की गई। इसी को लेकर कार्यकर्ताओं ने विद्यालय प्रशासन के विरुद्ध प्रदर्शन करते हुए जिम्मेदार व्यक्तियों पर उचित कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की।
अभाविप ने ज्ञापन के माध्यम से विद्यालय प्रशासन से घटना की जांच, जिम्मेदारी तय करने, विद्यार्थी के उपचार एवं स्वास्थ्य की उचित देखभाल तथा विद्यालय में विद्यार्थियों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की। परिषद ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों के हित एवं सुरक्षा से जुड़े विषयों पर वह सदैव मुखर होकर अपनी आवाज उठाती रहेगी।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, जबलपुर महानगर ने विद्यालय प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य विद्यार्थी को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक