जबलपुरः रादुविवि की कार्यपरिषद बैठक में हंगामा,विद्यार्थी परिषद के विरोध के बीच बैठक भंग

 


जबलपुर, 20 फ़रवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में शुक्रवार को कार्यपरिषद की बैठक के दौरान अभूतपूर्व हंगामा देखने को मिला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जबलपुर द्वारा पूर्व में प्रस्तुत 19 सूत्रीय मांगों के निराकरण न होने के विरोध में विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया गया, जिसके बीच आयोजित कार्यपरिषद बैठक में मौजूद सदस्यों ने बैठक के मध्य से वॉकआउट कर दिया और विरोध और आंतरिक असंतोष के कारण बैठक अपने निर्धारित एजेंडे पर आगे नहीं बढ़ सकी।

विद्यार्थी परिषद का आरोप है कि विश्वविद्यालय में छात्रों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है। डिग्री, अंकसूची एवं अन्य शैक्षणिक दस्तावेजों के लिए विद्यार्थियों को बार-बार भटकना पड़ रहा है। परीक्षाओं का आयोजन समयबद्ध ढंग से नहीं हो पा रहा है तथा परीक्षा परिणामों की घोषणा में भी अनावश्यक विलंब हो रहा है, जिससे संपूर्ण शैक्षणिक सत्र प्रभावित होने की स्थिति में पहुंच गया है। परिषद ने यह भी कहा कि प्रशासनिक स्तर पर समन्वय का अभाव और निर्णय लेने में विलंब विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली को पंगु बना रहा है।

बैठक के मध्य ही विश्वविद्यालय के ऑनलाइन सेंटर प्रभारी आर.के. गुप्ता एवं कार्यपरिषद सदस्य वेदप्रकाश तिवारी के बीच तीखी बहस हो गई, जो ‘तू-तू, मैं-मैं’ तक पहुंच गई। इसके साथ ही विश्वविद्यालय के यूआइसीए विभाग की विभागाध्यक्ष ने भी बैठक के मध्य कंप्यूटर सॉफ्टवेयर आदि सुविधाओं की अनुपलब्धता पर गंभीर आपत्ति की, उनका कहना था कि बार बार प्रशासन से अनुरोध करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही है और उनके लिए छात्रों और पालकों को उत्तर देना कठिन होता जा रहा है।

स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कुछ कार्यपरिषद सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार करते हुए वॉकआउट कर दिया। कुलगुरु ने सदस्यों को बाहर कार तक आकर रोकने का प्रयास किया परंतु कुलगुरु के निवेदन के बावजूद उनका आक्रोश शांत नहीं हुआ और सदस्य निकल गए। सदस्यों ने विश्वविद्यालय में व्याप्त अराजकता, प्रशासनिक असंतुलन एवं शैक्षणिक गिरावट पर भी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।

विद्यार्थी परिषद के केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य माखन शर्मा ने कहा कि कृषि, बीसीए, एमसीए सहित विभिन्न पाठ्यक्रमों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। प्रयोगशालाओं, संसाधनों एवं शैक्षणिक संरचना में कमियां छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही हैं। परिषद का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारियों के अविवेकपूर्ण निर्णयों और विलंबित कार्यप्रणाली का सीधा खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।

महानगर मंत्री आर्यन पुंज ने कहा की विवि प्रशासन की विद्यार्थियों के प्रति असंवेदनशीलता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है और प्रशासन के पास हमारे प्रश्नों के उत्तर भी नहीं है ।

आज की घटना ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यशैली और आंतरिक समन्वय पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। कार्यपरिषद जैसी सर्वोच्च नीति-निर्धारण इकाई की बैठक का इस प्रकार हंगामे के बीच भंग हो जाना विश्वविद्यालय की वर्तमान स्थिति का संकेत माना जा रहा है। अभाविप और कार्यपरिषद सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों ने स्पष्ट कर दिया है कि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक सुधार की तत्काल आवश्यकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक