राजगढ़ःशिक्षा के बढ़ते व्यापारिकरण को लेकर अभाविप ने सौंपा ज्ञापन
राजगढ़, 02 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ब्यावरा इकाई ने शिक्षा के बढ़ते व्यापारिकरण पर कड़ी आपत्ति जताते हुए गुरुवार को जिला शिक्षा अधिकारी के नाम विकासखंड शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
परिषद ने बताया कि जिले सहित पूरे प्रदेश में शिक्षा लगातार व्यवसाय का रूप लेती जा रही है। समाज और राष्ट्र निर्माण का मूल आधार मानी जाने वाली शिक्षा आज लाभ कमाने का साधन बनती जा रही है। निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा अत्यधिक शुल्क वसूली, अनावश्यक फीस संरचना और शिक्षा गुणवत्ता में गिरावट जैसे गंभीर मुद्दे अभिभावकों और विद्यार्थियों को आर्थिक रूप से प्रभावित कर रहे हैं।
अभाविप ने ज्ञापन में कहा कि गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पाने में असमर्थ होते जा रहे हैं, जिससे सामाजिक असमानता बढ़ रही है। परिषद ने अपने ज्ञापन में पाँच प्रमुख समस्याओं का उल्लेख किया,जिसमें निजी स्कूलों द्वारा महंगी प्राइवेट पब्लिकेशन की किताबें थोपना, एक ही दुकान से किताबें-ड्रेस खरीदने का दबाव, ड्रेस के ऊंचे दाम, मनमानी फीस वृद्धि और सुविधाओं में कोई सुधार न होना। साथ ही जिले में पुस्तक मेले का आयोजन कर कक्षा-वार पुस्तकों का मूल्य निर्धारण किए जाने की मांग भी रखी। नगर मंत्री राकेश सोंधिया ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि शिक्षा विभाग तीन दिन में सकारात्मक कार्यवाही करेगा, अन्यथा अभाविप आंदोलन करने को बाध्य होगी। ज्ञापन के दौरान जीत शिवहरे, सुमित सोंधिया, अनुज सोंधिया, राज बना सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनोज पाठक