जबलपुरः विद्यार्थियों के स्टाइपेंड में समान वृद्धि की मांग को लेकर विद्यार्थी परिषद ने निकाला मार्च

 


जबलपुर, 22 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जबलपुर महानगर द्वारा शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, गौरीघाट के बीएएमएस इंटर्नशिप विद्यार्थियों के स्टाइपेंड में वृद्धि तथा सभी आयुष विद्यार्थियों के इंटर्नशिप स्टाइपेंड में एमबीबीएस इंटर्नशिप विद्यार्थियों के समान वृद्धि किए जाने की मांग को लेकर मंगलवार को मार्च एवं मानव श्रृंखला का आयोजन किया गया।

विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में 300 से अधिक आयुष विद्यार्थी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। यह मार्च जबलपुर आयुर्वेद महाविद्यालय, गौरीघाट से झंडा चौक तक निकाला गया। झंडा चौक पहुंचकर विद्यार्थियों ने मानव श्रृंखला बनाकर इंटर्नशिप विद्यार्थियों के स्टाइपेंड में व्याप्त असमानता की ओर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने स्टाइपेंड में समान वृद्धि की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए अपनी मांग रखी।

प्रांत मंत्री सुव्रत बाझल ने कहा, आयुष इंटर्नशिप विद्यार्थी अपनी अनिवार्य इंटर्नशिप के दौरान अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों की देखभाल से सीधे जुड़े रहते हैं। उनके कार्य घंटे, क्लिनिकल प्रशिक्षण और जिम्मेदारियों को देखते हुए आर्थिक असमानता उचित नहीं है। विद्यार्थी परिषद की मांग स्पष्ट है—समान कार्य के लिए समान सम्मान और समान स्टाइपेंड वृद्धि। यह मांग केवल बीएएमएस तक सीमित नहीं, बल्कि सभी आयुष विद्यार्थियों के इंटर्नशिप स्टाइपेंड में समान वृद्धि के लिए है।”

अभाविप जबलपुर महानगर मंत्री आर्यन पुंज ने कहा, “यदि हमारी मांगें स्वीकार नहीं की गईं, तो हम इस आंदोलन को आगे एक बड़े स्वरूप में करेंगे और मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन देंगे, अभाविप विद्यार्थियों की इस मांग को लेकर आगे भी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कहा कि सभी आयुष पद्धतियों के इंटर्नशिप विद्यार्थी नियमित क्लिनिकल प्रशिक्षण एवं मरीजों की सेवा से जुड़े रहते हैं। इसके बावजूद उन्हें एमबीबीएस इंटर्नशिप विद्यार्थियों के समान स्टाइपेंड नहीं मिलना असमानता का विषय है।

जिज्ञासा आयाम के प्रांत संयोजक अमित सिंह ने कहा कि शासन को इंटर्नशिप विद्यार्थियों के स्टाइपेंड की तत्काल समीक्षा कर उसमें वृद्धि करते हुए एमबीबीएस इंटर्नशिप विद्यार्थियों के समान स्तर पर लाने की दिशा में आवश्यक निर्णय लेना चाहिए।एक वर्ष की अनिवार्य इंटर्नशिप केवल औपचारिक प्रशिक्षण नहीं, बल्कि चिकित्सा शिक्षा का महत्वपूर्ण क्लिनिकल चरण है। इस दौरान विद्यार्थी ओपीडी, आईपीडी, हॉस्पिटल राउंड, मरीजों की देखभाल, क्लिनिकल ट्रेनिंग, जांच एवं उपचार संबंधी गतिविधियों में व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। एनसीआईएसएम के आधिकारिक असेसमेंट फ्रेमवर्क में इंटर्नशिप विद्यार्थियों को दिए जाने वाले स्टाइपेंड को संस्थानों के मूल्यांकन का एक निर्धारित पैरामीटर माना गया है।

प्रदर्शन में प्रदर्शित बैनर के अनुसार बीएएमएस इंटर्नशिप विद्यार्थियों को 9,383 रू. प्रतिमाह, जबकि एमबीबीएस इंटर्नशिप विद्यार्थियों को 21,500 रु. प्रतिमाह स्टाइपेंड प्राप्त हो रहा है। विद्यार्थियों ने इस अंतर को समाप्त कर सभी आयुष इंटर्नशिप विद्यार्थियों के स्टाइपेंड में एमबीबीएस इंटर्नशिप विद्यार्थियों के समान वृद्धि करने तथा भविष्य में भी समय-समय पर समान रूप से वृद्धि किए जाने की मांग की।

कार्यक्रम में बीएएमएस इंटर्नशिप विद्यार्थियों सहित एबीवीपी के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक