उज्जैनः तीन दिन तक होगा युवा धर्म संसद का आयोजन गुरुवार से

 


उज्जैन, 16 सितंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन में देवास मार्ग स्थित गीता भवन में गुरूवार, 17 सितंबर से तीन दिवसीय युवा धर्म संसद-2026 अवंतिका का आयोजन होने जा रहा है। इसमें 24 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 1600 से अधिक युवा शामिल होंगे। आयोजन का औपचारिक शुभारंभ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक परम पूज्य डॉ.मोहन भागवत करेंगे। समापन दिवस के अतिथि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव होंगे।

बुधवार को पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए सिद्धपीठ हनुमत निवास के पीठाधीश्वर आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण, सेवाज्ञ संस्थानम् के राष्ट्रीय सचिव माधव कुमार तथा मध्यप्रदेश के युवा आयोग के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा ने तीन दिवसीय आयोजन की रूपरेखा, उद्देश्य तथा प्रतिभागियों के संबंध में जानकारी दी।

आयोजकों ने बताया कि आयोजन में युवा,विद्यार्थी,शिक्षक और विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत प्रतिभागी शामिल होंगे। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को धर्म, भारतीय संस्कृति, ज्ञान-परंपरा, जीवन-दृष्टि, चरित्र निर्माण एवं राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व से जोडऩा है। औपचारिक शुभारंभ 18 सितम्बर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक परम पृज्य डॉ. मोहन भागवत करेंगे। इस अवसर पर वे प्रतिभागी युवाओं को संबोधित करेंगे। इसीप्रकार आयोजन में युवाओं के समक्ष भारतीय संस्कृति, धर्म, ज्ञान-परंपरा और समकालीन जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों पर व्यापक विमर्श एवं संवाद आयोजित किए जाएंगे। देश के विभिन्न क्षेत्रों से संत-महात्मा, विद्वान, शिक्षाविद, चिंतक, साहित्यकार, सामाजिक कार्यकर्ता एवं प्रतिष्ठित विशेषज्ञ युवाओं के साथ संवाद करेंगे।

उन्होने बताया कि आयोजन में धर्म की व्यापक एवं अस्तित्वपरक अवधारणा, चरित्र निर्माण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व, संवाद की संस्कृति, सूचना एवं विचार के संघर्ष, मनुष्य निर्माण में आस्था का महत्व, धर्मस्थलों की भूमिका तथा ऋषि और कृषि संस्कृति के मध्य भारत की आजीविका-दृष्टि जैसे महत्वपूर्ण एवं समकालीन विषयों पर विमर्श किया जाएगा। उन्हे भारतीय ज्ञान-परंपरा को समझने तथा वर्तमान समय की चुनौतियों के संदर्भ में अपने विचार रखने का अवसर भी प्राप्त होगा। आयोजन के दौरान कला दीर्घा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, पुस्तक मेला, युवा पंचायत एवं जनजातीय मेला आकर्षण होंगे। युवा पंचायत के माध्यम से युवाओं को अपने विचार रखने और सामूहिक विमर्श में सहभागिता का अवसर मिलेगा।

ये गणमान्यजन कर रहे सहभागितायुवा धर्म संसद के विभिन्न सत्रों में सिद्धपीठ हनुमत निवास के पीठाधीश्वर आचार्य मिथिलेशनंदिनीशरण, स्वामी अवधेशानंद गिरि (आचार्य महामंडलेश्वर, जूना अखाड़ा), पुण्डरीक महाराज, प्रो. श्रीनिवास वरखेडी (कुलपति, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय), कवि एवं लेखक मनोज मुंतशिर , प्रवीण शर्मा (अध्यक्ष युवा आयोग मध्यप्रदेश शासन), विष्णुप्रकाश त्रिपाठी तथा प्रो. हिमांशु राय (निदेशक भारतीय प्रबंध संस्थान, इंदौर) शामिल होंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / ललित ज्‍वेल