उज्जैन में किन्नर साधक का जलती चिता से मानव अवशेष खाने का वीडियो वायरल, संतों ने की कार्रवाई मांग

 


उज्जैन, 31 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित चक्रतीर्थ श्मशान घाट का एक वीडियो साेमवार काे सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में किन्नर अखाड़े से जुड़ी किन्नर साधक काली उर्फ नंद गिरि धधकती चिता के सामने कथित रूप से तांत्रिक क्रिया करती नजर आ रही हैं। वीडियो में वह तलवार की मदद से चिता से कथित मानव अवशेष निकालकर उसे खाने का दावा करती दिखाई देती हैं। वीडियो सामने आने के बाद संत समाज ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।

बताया गया है कि उक्त वीडियो काली उर्फ नंद गिरि ने अपने इंस्टाग्राम खाते पर साझा किया था। वीडियो में वह जलती चिता के सामने तलवार लेकर तांत्रिक क्रिया करती दिखाई देती हैं। इसके बाद वह तलवार से चिता के भीतर से कथित मानव अंग का अवशेष निकालती हैं और कैमरे के सामने उसे खाने का दावा करती हैं।

वीडियो में किन्नर साधक यह कहते हुए भी सुनाई देती हैं कि गर्म अवस्था में मानव शरीर का हिस्सा खाना हर किसी के बस की बात नहीं है और यह उनके लिए रोजमर्रा की साधना का हिस्सा है। वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद लोगों में नाराजगी देखी जा रही है और मामले में कार्रवाई की मांग उठ रही है।

संत समाज ने कहा है कि अघोर एवं तांत्रिक साधना की अपनी परंपराएं और मर्यादाएं होती हैं। ऐसी साधनाओं को सार्वजनिक प्रदर्शन या प्रचार का माध्यम बनाना उचित नहीं है। संतों का कहना है कि इस प्रकार के वीडियो से धार्मिक परंपराओं को लेकर समाज में गलत संदेश जाता है।

महामंडलेश्वर शैलेशानंद गिरि ने कहा कि अघोर साधना की अपनी मर्यादा है और तांत्रिक क्रियाओं का सार्वजनिक प्रदर्शन उचित नहीं माना जा सकता। उनके अनुसार, वैदिक परंपराओं के नाम पर इस तरह की गतिविधियों का प्रचार-प्रसार स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि निजी प्रसिद्धि और प्रचार के लिए ऐसी गतिविधियों को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने से समाज में गलत संदेश जाता है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।

इधर, अघोरी अखाड़े के पीठाधीश्वर एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़ेश्वरी अघोरी बाबा विष्णुनाथ ने भी पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि वीडियो में एक महिला जलती चिता के पास धारदार हथियार लेकर चिता की सामग्री और कथित मानव अवशेषों से छेड़छाड़ करती दिखाई दे रही है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, यदि वीडियो में दिखाई दे रही सामग्री वास्तव में मानव शव के अवशेष हैं और उनके साथ जानबूझकर छेड़छाड़ की गई है, तो यह भारतीय न्याय संहिता की धारा 301 के अंतर्गत अपराध के दायरे में आ सकता है। शिकायत में पुलिस से वीडियो की सत्यता की जांच कराने तथा तथ्य सामने आने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की गई है।

वीडियो के वायरल होने के बाद चक्रतीर्थ श्मशान घाट की सुरक्षा और वहां होने वाली कथित तांत्रिक गतिविधियों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो में किए गए दावों और उसमें दिखाई दे रही सामग्री की वास्तविक प्रकृति की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा