मंदसौरः राजेन्द्र विलास में चल रही है 9 दिवसीय नवकार महामंत्र आराधना
मंदसौर, 21 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मंदसौर में युगप्रधान आचार्य राजेन्द्रसूरिश्वरजी म.सा., पूज्य सम्राट आचार्य जयन्तसेन सुरिश्वरजी म.सा. के दिव्य आशीर्वाद से प.पू. जैनरत्न मुनिराज प्रत्यक्षरत्न विजयजी म.सा. व पवित्ररत्न विजयजी म.सा. की पावन प्रेरणा व निश्रा में 20 अगस्त से 28 अगस्त तक (नौ दिवसीय) नवकार महामंत्र की धर्म आराधना जीवागंज स्थित राजेन्द्र विलास में की जा रही है।
इस धर्म आराधना में 100 से अधिक श्रावक श्राविकाये प्रतिदिन यहाँ आकर नवकार महामंत्र की 20 पक्की माला गिन रहे है श्वेत वस्त्र में श्रावक व श्राविकाये समभाव में यहाँ बैठकर मुनिराजजी के प्रवचन श्रवण करते हुये नवकार की विशिष्ठ धर्म आराधना कर रहे है। आराधको के द्वारा एकासना भी किया जा रहा है। आराधक 24 घण्टे में मात्र एक बार आहार ग्रहण कर रहे है। नवकार महामंत्र की धर्म आराधना में एकासना कराने का धर्मलाभ पारसमलजी, जिनेन्द्रजी, विरेन्द्रजीजी, अपूर्वजी, आयुषजी डोसी परिवार (राजेन्द्र मेडिकल) ने लिया है।
मुनिराज श्री प्रत्यक्षरत्नजी व पवित्ररत्नजी म.सा. नवकार महामंत्र धर्म आराधना में 68 जैन तीर्थाे की भाव यात्रा भी करा रहे है। नवकार महामंत्र के 68 अक्षरो से जिन 68 तीर्थाे के नाम आते है उनकी भाव यात्रा भी करायी जा रही है। कल नमो सिद्धाणं पद के अक्षरो से आने वाले 5 तीर्थाे की भाव यात्राये करायी गयी। सिद्धाचल तीर्थ, मोटा पोशिना तीर्थ, धानेरा तीर्थ, नाडेल तीर्थ, बांदीधर तीर्थ की भाव यात्रा कल शुक्रवार को करायी गयी। जिसको श्रवण करने का धर्मलाभ श्रावक श्राविकाओं ने लिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / अशोक झलोया