मकर संक्रांति 2026: बरमान मेले में श्रद्धालुओं के लिए विशाल लंगर शुरू
सागर, 12 जनवरी (हि.स.)। पुण्य सलिला मां नर्मदा के पावन तट बरमान (ब्रह्मांड घाट) पर आयोजित होने वाले ऐतिहासिक मेले को लेकर समूचे बुंदेलखंड में भारी उत्साह है। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर सागर संभाग के विभिन्न जिलों, तहसीलों और गांवों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु 'बुढ़की स्नान' के लिए बरमान की ओर कूच कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की इसी श्रद्धा और भक्ति को देखते हुए मां नर्मदा सेवा संघ द्वारा गौरझामर में हर साल की तरह इस बार भी विशाल निःशुल्क लंगर व भंडारे का शुभारंभ किया गया है।
14 जनवरी तक चलेगा सेवा का महाकुंभ
इस वर्ष यह आयोजन 11 जनवरी से शुरू होकर 14 जनवरी तक अनवरत चलेगा।
माँ नर्मदा सेवा संघ के सदस्यों ने बताया कि पदयात्रियों और श्रद्धालुओं की थकान मिटाने के लिए यहाँ शुद्ध सात्विक भोजन के साथ-साथ चाय, नाश्ता और प्राथमिक चिकित्सा (दवाइयों) की भी विशेष व्यवस्था की गई है।
ओवरब्रिज निर्माण के कारण बदला गया लंगर स्थल
प्रशासनिक निर्माण कार्यों के चलते इस वर्ष लंगर के स्थान में आंशिक परिवर्तन किया गया है। चरगुवाँ चौराहे पर ओवरब्रिज का निर्माण कार्य जारी होने के कारण, लंगर अब चरगुवाँ तिराहे से लगभग 200 मीटर आगे बरमान मार्ग पर बायीं ओर लगाया गया है।
संघ ने यात्रियों से अपील की है कि वे नए स्थल पर पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करें।
बाम्बुलिया गाते और जयकारे लगाते बढ़ रहे पदयात्री
बरमान मेले की यात्रा अपने आप में अनोखी और दर्शनीय है। सैकड़ों किलोमीटर की पदयात्रा कर रहे श्रद्धालु हाथों में निशान लिए 'बम-बम भोले' के जयकारे लगाते और पारंपरिक 'बाम्बुलिया' गीत गाते हुए आगे बढ़ रहे हैं। भीषण ठंड के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नजर नहीं आ रही है।
बरकौटी कलां- गौरझामर के समीप ही मकर संक्रांति के अवसर पर क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल बरकौटी कलां में भी वार्षिक मेले का भव्य आगाज हो गया है। पर्वत की तलहटी में विराजमान माता सिंहवाहिनी देवी और भगवान मतंगेश्वर महादेव के दर्शन के लिए सुबह से ही लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
गौरझामर और बरकौटी के इन आयोजनों ने समूचे क्षेत्र को भक्तिमय और उत्सवपूर्ण बना दिया है।
हिन्दुस्थान समाचार/मनीष कुमार चौबे
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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा