रीवा हादसे के विरोध में करेली में निकला विशाल मौन जुलूस, संत सुरक्षा कानून की उठी मांग

 


करेली, 25 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में सड़क हादसे में दो जैन आर्यिकाओं के निधन से जैन समाज में गहरा शोक और आक्रोश व्याप्त है। इसी के विरोध में सोमवार को नरसिंहपुर जिले के करेली में सकल जैन समाज द्वारा विशाल मौन जुलूस निकालकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई गई।

समाजजनों ने 20 मई को रीवा में हुई घटना को अत्यंत पीड़ादायक और निंदनीय बताते हुए इसे साधु-संतों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताया। साथ ही देशभर में विहार करने वाले संतों और साध्वियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष “संत सुरक्षा कानून” लागू करने की मांग भी जोरदार तरीके से उठाई गई।

मौन जुलूस दिगंबर जैन बड़ा मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख मार्गों से निकला और पुनः मंदिर परिसर पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाएं शामिल हुए। पुरुष सफेद वस्त्रों में जबकि महिलाएं पीले और केसरिया परिधानों में अनुशासन और श्रद्धा के साथ शामिल रहीं। श्रद्धालु हाथों में पूज्य आचार्य विद्यासागर महाराज एवं वर्तमान आचार्य समय सागर महाराज के चित्र लेकर मौन धारण किए हुए चल रहे थे।

पूरे नगर में शोक और श्रद्धा का माहौल दिखाई दिया। समाजजनों ने कहा कि अहिंसा, संयम और तपस्या का जीवन जीने वाले साधु-संतों पर इस तरह की घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं।

समाज की नगर गौरव ब्रह्मचारिणी नूरी दीदी ने कहा कि जैन समाज इस घटना को केवल दुर्घटना नहीं बल्कि गंभीर कृत्य के रूप में देख रहा है। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाना चाहिए और उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

वहीं कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुकेश जैन ने शासन-प्रशासन से मांग की कि देशभर में पदयात्रा और विहार करने वाले संतों की सुरक्षा के लिए प्रभावी और सख्त कानून बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

मौन जुलूस के दौरान नगरवासियों ने भी श्रद्धा के साथ समाजजनों का स्वागत किया और दिवंगत आर्यिकाओं को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के अंत में एक स्वर में संत सुरक्षा कानून लागू करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई गई।

हिन्दुस्थान समाचार / भागीरथ तिवारी