अनूपपुर: छत्तीसगढ़ से अमरकंटक पहुंचे 500 कांवरिया दल, नर्मदा जल से जलेश्वर महादेव एवं भोरमदेव में करेंगे जलाभिषेक

 




अनूपपुर, 07 अगस्त (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक नगरी अमरकंटक में श्रावण मास की नवमी तिथि पर शुक्रवार को शिवभक्ति और आस्था का अनुपम दृश्य देखने को मिला। छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले के गौरकापा से लगभग 500 कांवरियों का विशाल दल बाबा रामगिरी धूनी से पारंपरिक वेशभूषा में नाचते-गाते, भजन-कीर्तन करते और ‘हर-हर महादेव’, ‘बोल बम’ के जयघोष लगाते हुए अमरकंटक पहुंच कर मां नर्मदा की पूजा-अर्चना कर पवित्र नर्मदा जल कांवड़ में भरा जो शनिवार को भगवान जलेश्वर महादेव धाम में जलाभिषेक, पूजन एवं अर्चन करेंगे।

कांवरियों का दल अनुशासित एवं कतारबद्ध होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरता हुआ पतित पावनी पुण्यसलिला मां नर्मदा के उद्गम स्थल नर्मदा मंदिर परिसर पहुंचा। मंदिर परिसर में विधि-विधानपूर्वक मां नर्मदा की पूजा-अर्चना कर पवित्र नर्मदा जल कांवड़ में भरा गया तथा कांवर यात्रा की विधिवत पूजा की गई।

मान्यता है कि मां नर्मदा के पावन जल से भगवान शिव का अभिषेक करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। इसी भाव के साथ कांवरियों ने नर्मदा उद्गम से जल ग्रहण कर उसे भगवान भोलेनाथ को अर्पित करने का संकल्प लिया। श्रावण कृष्ण पक्ष दशमी तिथी शनिवार को भगवान जलेश्वर महादेव के धाम नर्मदा जल से भगवान शिव का जलाभिषेक, पूजन एवं अर्चन करेंगे। इसके पश्चात अपने आराध्य देव भगवान भोलेनाथ को नर्मदा जल अर्पित करते हुए गौरकापा-कवर्धा क्षेत्र के प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर में भी जल अर्पित कर पुण्यलाभ अर्जित करेगा।

नर्मदा जल में आस्था, कांवर में संकल्प और कंठ में शिवनाम

श्रावण मास की इस कांवर यात्रा में श्रद्धा, साधना और लोकभक्ति का अद्भुत संगम दिखाई दिया। कांवड़ उठाए श्रद्धालु जब भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़े तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो स्वयं नर्मदा की भक्ति-धारा शिवधाम की ओर प्रवाहित हो रही हो।

“ॐ नमः शिवाय” के महामंत्र और “हर-हर महादेव” के उद्घोष से अमरकंटक की आध्यात्मिक वादियां गुंजायमान रहीं। श्रद्धालुओं के चेहरे पर आस्था का तेज और हृदय में भगवान शिव के प्रति अटूट श्रद्धा दिखाई दी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला