अनूपपुर: मप्र-छग सीमा पर 44 साल पुराना तिपान नदी का पुल जर्जर

 




अनूपपुर, 20 अप्रैल (हि.स.)। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला सीमा पर अनूपपुर जिले के ग्राम पंचायत वेंकटनगर में तिपान नदी पर बना पुल अपनी समय सीमा पूरी कर चुका है। जो जर्जर स्थिति में है। अनूपपुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग पर स्थित होने के कारण इस पर लाखों भारी वाहनों का दबाव है, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।

यह मार्ग केवल सामान्य आवागमन के लिए ही नहीं, बल्कि कोयला खदानों और जैतहरी स्थित मोजरबेयर पावर प्लांट के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। बिलासपुर और भिलाई से आने वाला लौह अयस्क और कोयला इसी पुल के माध्यम से मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों की ओर पहुंचता है। भारी मालवाहक वाहनों के निरंतर आवागमन ने 1980 में बने इस पुल की कमर तोड़ दी है। पुल की ऊपरी सतह पूरी तरह उखड़ चुका है और कंक्रीट के बीच से लोहे के सरिए बाहर निकल आए हैं। रेलिंग और साइड वॉल कई जगह से टूट चुकी है।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग हर बार केवल हल्का पेंचवर्क कर औपचारिकता पूरी कर देता है, जो भारी वाहनों के दबाव में कुछ ही दिनों में उखड़ जाता है। इस पुल की आधारशिला 1980 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने रखी थी और 1982 में इसका लोकार्पण हुआ था। चार दशकों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इसका ठोस जीर्णोद्धार नहीं किया गया है। यह मार्ग बिलासपुर-कटनी जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक कॉरिडोर का हिस्सा है, फिर भी प्रशासन इसकी अनदेखी कर रहा है। वहीं स्थानीय लोग अब केवल अस्थायी मरम्मत के बजाय नए मजबूत पुल के निर्माण की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में कोई बड़ी जनहानि न हो।

जल्द शुरू होगा काम

मामले की गंभीरता को देखते हुए लोक निर्माण विभाग कार्यपालन यंत्री पी.के. लोरिया ने बताया कि सेतु निगम को मौके पर पुल और सड़क की स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि एक-दो दिनों के भीतर मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला