नरसिंहपुर में मध्यान्ह भोजन खाने से 38 बच्चे बीमार, जिला अस्पताल में भर्ती; कलेक्टर-एसपी पहुंचे

 


नरसिंहपुर, 03 नवंबर (हि.स.)। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के समनापुर प्राथमिक शाला में मंगलवार को मध्यान्ह भोजन खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। पेट दर्द और उल्टी की शिकायत के बाद करीब 38 बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर रजनी सिंह और पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीना जिला अस्पताल पहुंचे और बच्चों का हाल जाना।

जानकारी के अनुसार, स्कूल में मध्यान्ह भोजन के तहत बच्चों को पूरियां परोसी गई थीं। भोजन करने के कुछ देर बाद बच्चों ने पूरियों का स्वाद अजीब होने की शिकायत की। प्रधान पाठक गणेशदत्त बादल ने भी भोजन चखकर देखा तो पूरियों से खटास और दुर्गंध महसूस हुई। इसके कुछ ही मिनटों बाद बच्चों को पेट दर्द और उल्टी होने लगी।

दो दिन पुराने आटे से पूरियां बनाने का आरोप

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भोजन बनाने वाले समूह पर आरोप है कि उसने गांव में आयोजित एक कार्यक्रम से लाया गया दो दिन पुराना गूंथा हुआ आटा इस्तेमाल कर पूरियां बनाई थीं। इसी भोजन को खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है। हालांकि, बीमारी के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

घटना के बाद सभी प्रभावित बच्चों को तत्काल नरसिंहपुर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। कलेक्टर और एसपी ने अस्पताल में डॉक्टरों से उपचार की जानकारी ली और बच्चों का बेहतर एवं त्वरित इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

स्वसहायता समूह को हटाने के निर्देश

कलेक्टर रजनी सिंह ने घटना को गंभीरता से लेते हुए समनापुर स्कूल में मध्यान्ह भोजन बनाने वाले एकता स्वसहायता समूह को तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल बच्चों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। घटना के बाद स्कूलों में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजू विश्वकर्मा