श्योपुर : सवा तीन करोड़ खर्च के बाद भी निजी ट्यूबवेलों पर निर्भर ग्रामीण
श्योपुर, 26 मार्च (हि.स.)। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के अन्तर्गत आने वाले रघुनाथपुर कस्बे में नल-जल योजना की दुर्दशा देखते ही बन रही है। यहां योजना पर ढाई करोड़ रूपये खर्च किये गये हैं, बावजूद इसके यहां ग्रामीणों को निजी ट्यूबवेलों से प्रतिमाह रूपये खर्च करने के बाद पानी नसीब हो पा रहा है। सबसे अहम बात तो यह है कि कार्यायलों में बैठकर इन योजनाओं की समीक्षा करने वाले अफसरों के कागजी फरमान यहां महज दिखावा साबित हो रहे हैं। दिशा-निर्देशों के जारी होने के बाद भी नल-जल योजना जस की तस स्थिति में है।
मालमू हो कि, ग्राम पंचायत रघुनाथपुर में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग श्योपुर द्वारा वर्ष 2021 में तीन करोड़ 28 लाख रूपये नल-जल योजना पर खर्च करते हुए पानी की टंकी का निर्माण एवं घरों तक पाइप लाइन बिछाने का कार्य किया, लेकिन निर्माण कार्य इतना निम्न स्तर का हुआ कि यह योजना एक दिन के लिये भी लोगों के घरों में पानी सप्लाई नहीं दे सकी। खास बात तो यह है कि विगत पांच वर्षों से बंद पड़ी इस योजना की संबंधित विभागीय अधिकारियों ने कभी समीक्षा नहीं की।
पेयजल पर खर्च हो रहे प्रतिमाह 400 रूपये
रघुनाथपुर कस्बे के लोगों ने बताया कि नल-जल योजना के संचालन के अभाव में लोगों को निजी ट्यूबवेलों से पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। ट्यूबवेल संचालकों द्वारा घरों तक पानी सप्लाई के लिये लाइनें दे रखी है। पानी के एवज में प्रति परिवार 300 से 400 रूपये प्रतिमाह का भुगतान निजी ट्यूबवेल संचालकों को करना पड़ रहा है।
जगह-जगह टूटी लाइनें, शोपीस बनी पानी की टंकी
कस्बे में नल-जल योजना के तहत बिछाई गई लाइनें जगह-जगह से टूट चुकी हैं। वहीं लाखों रूपये खर्च कर बनाई गई पानी की टंकी महज शोपीस बनी हुई है। कस्बे वासियों का कहना है कि आधे गांव में तो लाइन ही नहीं बिछाई गई है। कस्बे के कोई मोहल्ला, गोद मोहल्ला, कुम्हार मोहल्ला के लोगों को जल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत वैष्णव