कलयुग में हरिनाम ही मोक्ष का रास्ता है : निलय दास प्रभु
खूंटी, 05 अप्रैल (हि.स.)। तोरपा प्रखंड के मिटकोरा गांव में विश्व हिंदू परिषद ने हनुमान जयंती पखवाड़ा के अवसर पर रविवार को धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना से हुई। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता पर अपने विचार व्यक्त किए।
मुख्य वक्ता निलय दास प्रभु ने कहा कि कलयुग में अधर्म का प्रभाव बढ़ना स्वाभाविक है, जिसका उल्लेख भगवत पुराण में भी मिलता है। ऐसे समय में मानव को अधर्म से बचाने का एकमात्र उपाय हरिनाम संकीर्तन और भगवान की भक्ति है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की जड़ों को मजबूत करने के लिए धर्मग्रंथों का अध्ययन और सत्संग आवश्यक है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शिवनारायण सिंह और विहिप कर्रा प्रखंड मंत्री लक्ष्मण सिंह ने की। विहिप जिला सह मंत्री एमपी सिंह ने दो दिन पूर्व रेगरे गांव में हुई गौकशी की घटना की निंदा करते हुए कहा कि क्षेत्र में ऐसी घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पकड़े गए आरोपियों के मामले में किसी भी प्रकार की लिपापोती नहीं होने दी जाएगी और जरूरत पड़ी तो उग्र आंदोलन भी किया जाएगा।
विहिप संगठन मंत्री उमेश मांझी ने सरना समाज और सनातन परंपरा की एकता पर जोर देते हुए कहा कि कुछ लोग लालच और बहकावे में आकर धर्म परिवर्तन कर रहे हैं,जो चिंता का विषय है। गुमला से आए विकास कुमार निराला ने सामाजिक कुरीतियों को दूर कर आपसी भाईचारा और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विभिन्न गांवों से आए सैकड़ों युवाओं और महिलाओं ने भाग लिया। इस दौरान समाजिक जागरूकता,संस्कृति संरक्षण और धर्म रक्षा को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मिश्रा