वन विभाग के पुराने मामले में विवेक राउत के आवास पर छापेमारी, वारंटी की तलाश में पहुंची थी संयुक्त टीम

 


दुमका, 18 जुलाई (हि.स.)। दुमका के मुफसिल थाना क्षेत्र अंतर्गत महुआडंगाल स्थित झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक शिबू सोरेन के पूर्व आप्त सचिव विवेक राउत के आवास पर शनिवार सुबह वन विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। कार्रवाई का नेतृत्व प्रशिक्षु भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारी पुष्कर ने किया। छापेमारी दल में वन विभाग के अधिकारी, फॉरेस्ट गार्ड और पुलिस बल के जवान शामिल थे।

संयुक्त टीम सुबह करीब छह बजे विवेक राउत के आवास पहुंची, लेकिन मुख्य गेट बंद मिला। इसके बाद अधिकारी करीब तीन घंटे तक घर के बाहर इंतजार करते रहे। इस दौरान छापेमारी की सूचना फैलने पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। कुछ लोगों ने कार्रवाई से संबंधित दस्तावेज दिखाने की मांग की, जिसको लेकर प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारी और स्थानीय लोगों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई। हालांकि, पुलिस की मौजूदगी में स्थिति शीघ्र ही सामान्य हो गई।

करीब तीन घंटे बाद छापेमारी दल घर के भीतर दाखिल हुआ और तलाशी अभियान शुरू किया। सूत्रों के अनुसार, टीम विवेक राउत के भतीजे पंकज राउत की तलाश में पहुंची थी। हालांकि, बताया जा रहा है कि छापेमारी शुरू होने से पहले ही पंकज राउत घर से निकल चुके थे, जिसके कारण वे टीम के हाथ नहीं लगे।

तलाशी अभियान पूरा होने के बाद लौट रही वन विभाग की टीम के वाहन को कुछ लोगों ने रोक लिया और चालक के साथ नोकझोंक की। मौके पर मौजूद पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और टीम को सुरक्षित रवाना कराया। इस दौरान किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।

प्रशिक्षु आईएफएस अधिकारी पुष्कर ने छापेमारी के संबंध में विस्तृत जानकारी देने से इनकार करते हुए केवल इतना कहा कि कार्रवाई के दौरान कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। वहीं, छापेमारी के उद्देश्य और जांच से जुड़े अन्य पहलुओं पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की।

जिला वन पदाधिकारी (डीएफओ) सात्विक ने बताया कि यह कार्रवाई वन विभाग के एक पुराने मामले में की गई। उन्होंने कहा कि संबंधित प्रकरण में एक वारंटी की तलाश के लिए छापेमारी की गई थी। विभाग मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / नीरज कुमार