(अपडेट) जेपीएससी-जेएसएससी विवाद पर सरकार और छात्रों के बीच वार्ता, आंदोलन जारी रखने पर अड़े छात्र
- अभिनेता पीयूष मिश्रा ने बढ़ाया हौसला
रांची, 08 अगस्त (हि.स.)। जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं से जुड़े विवादों और विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत छात्रों के प्रतिनिधिमंडल और सरकार की कमेटी के बीच शनिवार को रांची स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में वार्ता हुई। बैठक में छात्रों की विभिन्न मांगों, परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इससे पहले सरकार के प्रतिनिधियों ने शुक्रवार की रात भी छात्रों के दूसरे गुट के साथ बातचीत की थी।
वार्ता समाप्त होने के बाद मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि बैठक में अलग-अलग छात्र संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सरकार आगे भी अन्य छात्रों और प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनकी राय लेगी। सरकार की ओर से छात्रों, स्टेकहोल्डर्स और अन्य संबंधित लोगों के लिए एक ई-मेल आईडी [jpsc.jssc.feedback@gmail.com] जारी की गई है। इस पर परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया से संबंधित सुझाव एवं फीडबैक भेजा जा सकता है।
वार्ता में शामिल छात्रों ने कहा कि उन्होंने अपनी मांगें और समस्याएं सरकार के समक्ष रख दी हैं। सरकार की ओर से उनकी बातें सुनी गई हैं और मांगों पर विस्तार से चर्चा करने का आश्वासन दिया गया है। हालांकि, छात्रों ने स्पष्ट किया कि फिलहाल आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन और अनशन जारी रहेगा।
छात्र प्रतिनिधियों के अनुसार, आने वाले दिनों में सरकार और छात्रों के बीच कई दौर की और बैठकें हो सकती हैं। छात्रों को उम्मीद है कि बातचीत के माध्यम से उनकी मांगों का समाधान निकलेगा, लेकिन फिलहाल वे अपने आंदोलन से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
वार्ता के दौरान मौके पर मौजूद रांची महानगर युवा कांग्रेस अध्यक्ष गौरव सिंह ने सरकार की पहल का स्वागत किया। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को छात्रों के साथ बातचीत शुरू करने के लिए धन्यवाद दिया। गौरव सिंह ने कहा कि सरकार ने लंबे समय से जेपीएससी और जेएसएससी से जुड़े मुद्दों को उठाने वाले छात्र संगठनों और उनके प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाया है।
जब उनसे पूछा गया कि एबीवीपी, भाजयुमो और आजसू समेत विपक्ष से जुड़े संगठन भी इन मुद्दों को लगातार उठाते रहे हैं, तो उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छात्रों की लड़ाई किसी राजनीतिक संगठन को इसका श्रेय दिलाने की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह छात्रों के अधिकार और उनके भविष्य से जुड़ा सवाल है।
गौरव सिंह ने जेपीएससी की पुरानी परीक्षाओं का जिक्र करते हुए विपक्षी नेताओं पर गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि जेपीएससी की पहली और दूसरी परीक्षा के दौरान पैसों के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
युवा कांग्रेस नेता ने कहा कि छात्रों के आंदोलन का उद्देश्य किसी राजनीतिक दल को श्रेय दिलाना नहीं, बल्कि उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान कराना है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की पहल के बाद छात्रों का प्रतिनिधिमंडल सरकार के मंत्रियों के साथ बातचीत कर रहा है।
स्टेट गेस्ट हाउस के अंदर वार्ता, बाहर छात्रों का आक्रोश
सरकार की ओर से बातचीत के जरिए आंदोलन का समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन स्टेट गेस्ट हाउस के बाहर आंदोलनकारी छात्रों के बीच नाराजगी भी देखने को मिली। छात्रों का एक वर्ग सरकार की प्रक्रिया से संतुष्ट नहीं दिखा।
स्टेट गेस्ट हाउस के बाहर हजारीबाग से पहुंचे एक छात्र ने खुद को अमन कुमार बताया और सरकार पर जेपीएससी की सीटों को बेचने का आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी की। पुलिस ने उसे शांत कराने की कोशिश की, लेकिन वह काफी देर तक अपनी नाराजगी जाहिर करता रहा। उसने मुख्यमंत्री से लेकर सरकार में बैठे अधिकारियों पर छात्रों के साथ नाइंसाफी करने का आरोप लगाया।
स्टेट गेस्ट हाउस के बाहर छात्रों की भारी भीड़ के बीच अमन को शांत कराने के लिए पुलिस प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान झामुमो समर्थित युवाओं और उक्त छात्र के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर आरोप लगाए गए।
अमन का कहना था कि सरकार जिस तरीके से मामले को आगे बढ़ा रही है, उससे छात्रों की परेशानी कम होने के बजाय बढ़ रही है। उसने आरोप लगाया कि पिछले करीब 15 दिनों से छात्र बिना पर्याप्त भोजन-पानी के अनशन पर बैठे हैं और कई अनशनकारियों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
छात्र ने सरकार से 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा को जल्द रद्द करने, पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उसका सवाल था कि जब छात्रों की ओर से लगातार शिकायतें की जा रही हैं, तो सरकार कार्रवाई में इतनी देरी क्यों कर रही है।
हालांकि कुछ देर बाद छात्र का गुस्सा शांत हो गया, लेकिन आंदोलन स्थल पर मौजूद अन्य छात्रों में भी इसी तरह की नाराजगी दिखाई दे रही है। छात्रों का कहना है कि जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का सिलसिला आखिर कब तक जारी रहेगा और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कब बंद होगा।
आंदोलन स्थल पहुंचे अभिनेता पीयूष मिश्रा
इसी बीच प्रसिद्ध अभिनेता और रंगकर्मी पीयूष मिश्रा भी जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पारदर्शी भर्ती की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में प्रदर्शन स्थल पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं।
मीडिया से बातचीत के दौरान पीयूष मिश्रा ने आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताया। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी के बुलावे या दबाव में यहां आने की जरूरत महसूस नहीं हुई। छात्रों की तकलीफ और उनकी आंखों में आंसू देखकर वह स्वयं यहां आने के लिए प्रेरित हुए।
पीयूष मिश्रा ने कहा कि वह नौजवानों के लिए गाते और अभिनय करते हैं। ऐसे में जब युवा अपने भविष्य और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हों तो उनके साथ खड़ा होना उन्हें अपना फर्ज लगा। उन्होंने आंदोलन कर रहे छात्रों की कठिन परिस्थितियों का भी जिक्र किया।
पीयूष मिश्रा ने कहा कि बारिश और तमाम मुश्किलों के बावजूद छात्र आंदोलन में डटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से वह अपनी क्षमता के अनुसार छात्रों के लिए आर्थिक मदद और खाने-पीने की व्यवस्था में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह कोई बड़े उद्योगपति नहीं हैं, लेकिन जितना संभव हो पा रहा है, उतना सहयोग करने की कोशिश कर रहे हैं।
‘आरंभ है प्रचंड’ गाकर छात्रों में भरा जोश
छात्रों के बीच पहुंचे पीयूष मिश्रा ने अपनी चर्चित कविता-गीत ‘आरंभ है प्रचंड’ प्रस्तुत कर आंदोलनरत छात्रों का उत्साह बढ़ाया। उनके गीत शुरू करते ही प्रदर्शन स्थल का माहौल बदल गया। छात्रों ने भी उनके साथ सुर में सुर मिलाया। गीत जैसे-जैसे आगे बढ़ा, प्रदर्शन स्थल पर छात्रों का उत्साह और जोश बढ़ता गया। छात्रों ने तालियां बजाकर और सामूहिक रूप से गीत गाकर पीयूष मिश्रा का साथ दिया। इस दौरान आंदोलन स्थल पर मौजूद युवाओं में नया उत्साह देखने को मिला।
फिलहाल सरकार और छात्रों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया है, लेकिन छात्रों ने आंदोलन और अनशन जारी रखने का फैसला किया है। अब सबकी निगाहें आगामी बैठकों और सरकार की ओर से छात्रों की मांगों पर लिए जाने वाले निर्णय पर टिकी हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे