नहीं रहे राम मंदिर आंदोलन के कारसेवक मनु साव
खूंटी,23 सितंबर (हि.स.)। मुरहू प्रखंड के प्रसिद्ध धर्म सारथी और राम मंदिर आंदोलन के कारसेवक मनु साव का बुधवार की सुबह में सदर अस्पताल, खूंटी में निधन हो गया। वे लंबे समय से डायबिटीज से पीड़ित थे। उनके निधन की खबर फैलते ही मुरहू समेत पूरे खूंटी जिले में शोक की लहर दौड़ गई।
मनु साव लंबे समय से पूजा-पाठ, धर्म और अध्यात्म से जुड़े रहे। क्षेत्र के विभिन्न धार्मिक स्थलों के प्रचार-प्रसार और धार्मिक गतिविधियों में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। मां नकटी देवी मंदिर सोनपुरगढ़, तोरपा, महादेव टोला, ग्यारह महादेव बम्हनी, गांडू, शरमाली और बुरजू मोड़ सहित कई मंदिरों के धार्मिक कार्यों में उनकी सक्रिय भूमिका रही। सादा जीवन और उच्च विचार के प्रतीक मनु साव ने अपना जीवन धर्म, समाजसेवा और अध्यात्म के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित कर दिया था।
राम मंदिर आंदोलन के दौरान वे अयोध्या में आयोजित कारसेवा में भी सक्रिय रूप से शामिल रहे थे। धार्मिक और सामाजिक क्षेत्र में उनकी सक्रियता के कारण स्थानीय लोगों के बीच उनकी विशेष पहचान थी।
उनके निधन पर लोकसभा के पूर्व उपाध्यक्ष पद्मभूषण कड़िया मुंडा,पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा, पूर्व विधायक कोचे मुंडा,भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष काशीनाथ महतो, मुखिया ज्योति डोडराय, डॉ.धर्मेंद्र नाथ तिवारी,अर्जुन साव,रामा साव,सुरेश प्रसाद,हरिद्वार ठाकुर, रामहरि साव,सुबोध कुमार,संजय सत्संगी,सूरजमल प्रसाद,बिहारी साव और अधिवक्ता राखोहरि चौधरी,भाजपा नेता संजय साहू, प्रियांक भगत सहित सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों ने गहरा शोक व्यक्त किया।
शोक व्यक्त करते हुए कड़िया मुंडा ने कहा कि मनु साव केवल एक व्यक्ति नहीं,बल्कि एक युग थे। उनका निधन धर्म और अध्यात्म के क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है।---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मिश्रा