श्रावणी मेला : बैद्यनाथ धाम-बासुकीनाथ की सुरक्षा में तैनात होंगे 14 हजार से अधिक जवान, पुलिस मुख्यालय ने जारी की एडवाइजरी

 




रांची, 17 जुलाई (हि.स.)। विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) और बाबा बासुकीनाथ धाम (दुमका) में आयोजित होने वाले श्रावणी मेला-2026 को लेकर झारखंड पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कमर कस ली है। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए राज्य पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को सतर्कता बरतने और व्यापक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी पत्र में राज्य के सभी उपायुक्तों, वरीय पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और अपराध नियंत्रण को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए हैं। वहीं, बिहार पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर सुल्तानगंज से देवघर तक करीब 105 किलोमीटर लंबे कांवरिया पथ की सुरक्षा के लिए संयुक्त कार्ययोजना तैयार की गई है।

पुलिस महानिरीक्षक (अभियान) नरेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि श्रावणी मेला-2026 को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि पर्याप्त संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की जा रही है और आधुनिक तकनीक, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों तथा बिहार पुलिस के साथ समन्वय कर पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

पुलिस मुख्यालय के अनुसार, इस वर्ष श्रावणी मेला 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग और बाबा बासुकीनाथ मंदिर में जलार्पण और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचेंगे। सावन के सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि होने की संभावना को देखते हुए विशेष सुरक्षा प्रबंध किए जा रहे हैं।

जारी निर्देश में बताया गया है कि तीन अगस्त, 10 अगस्त, 17 अगस्त (नाग पंचमी) और 24 अगस्त को पड़ने वाले सावन के सोमवार को भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसके अलावा 29 जुलाई को आषाढ़ पूर्णिमा के अवसर पर देवघर-दुम्मा स्थित झारखंड प्रवेश द्वार पर आयोजित होने वाले श्रावणी मेला उद्घाटन समारोह में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए संबंधित जिलों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने को कहा गया है।

श्रावणी मेले के दौरान शिवभक्त कांवड़िये बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर करीब 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए देवघर पहुंचते हैं और बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग पर जलाभिषेक करते हैं। इसके बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बासुकीनाथ धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं।

कांवड़िया पथ बिहार और झारखंड के कई जिलों से होकर गुजरता है। ऐसे में पूरे मार्ग पर सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर विशेष व्यवस्था की जा रही है। पुलिस मुख्यालय ने कहा है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़क, रेल और पैदल मार्ग से देवघर पहुंचेंगे।

सोमवार के दिन जलाभिषेक के लिए करीब तीन लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई गई है। बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम सहित देश के विभिन्न राज्यों के अलावा नेपाल, भूटान और बांग्लादेश से भी श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। अंतिम सोमवार यानी 24 अगस्त को सबसे अधिक भीड़ रहने की संभावना है।

पुलिस मुख्यालय ने कांवड़िया पथ पर पर्याप्त संख्या में पुलिस गश्ती दल तैनात करने, मार्ग के आसपास स्थित गांवों में असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखने और फरार एवं वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

संवेदनशील स्थानों पर चेक पोस्ट स्थापित कर नियमित जांच अभियान चलाया जाएगा। सुनसान और अंधेरे स्थानों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पुलिस बल की सक्रियता की लगातार निगरानी करने को कहा गया है।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, ट्रेनों और सार्वजनिक परिवहन में विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी। मंदिर परिसर, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। साथ ही पेयजल, शौचालय, चिकित्सा सुविधा और आपातकालीन सहायता केंद्र भी बनाए जाएंगे।

पुलिस ने कांवड़ियों के वेश में नशा खिलाकर ठगी करने वाले गिरोहों, महिलाओं से छेड़छाड़, छिनतई करने वाले अपराधियों और श्रद्धालुओं की कतार में जबरन प्रवेश करने वालों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया है।

सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी। मंदिर परिसर, कांवड़िया पथ और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों तथा लावारिस वस्तुओं पर विशेष नजर रखने को कहा गया है।

संभावित भगदड़, भारी बारिश या अन्य आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए विशेष तैयारी की जा रही है। प्रमुख मार्गों पर 24 घंटे एंबुलेंस, चिकित्सक, आवश्यक दवाइयां और जीवनरक्षक उपकरण उपलब्ध रहेंगे।

भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बच्चों के लिए खोया-पाया केंद्र स्थापित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं के विश्राम स्थलों पर शेड, सुरक्षा और स्वच्छता की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा मार्ग में पड़ने वाले होटल, लॉज और धर्मशालाओं की सुरक्षा जांच भी कराई जाएगी।

कांवड़िया मार्ग पर झुके हुए या कम ऊंचाई वाले बिजली के तारों की मरम्मत, फ्लोरोसेंट टेप और रिफ्लेक्टर लगाने, बारिश के कारण उत्पन्न गंदगी की नियमित सफाई तथा खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली सामान की बिक्री रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।

श्रावणी मेला की सुरक्षा व्यवस्था के लिए देवघर और वासुकीनाथ में 14 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इनमें आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस), रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ), झारखंड जगुआर, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की महिला बटालियन की चार कंपनियां, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड और सादे लिबास में स्पेशल ब्रांच के जवान शामिल होंगे। इसके अलावा ड्रोन कैमरों और अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र और कांवरिया पथ की चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे