चिकित्सकों ने एंथ्रेक्स बीमारी से हाथी की मौत की जताई संभावना

 




रामगढ़ , 13 जनवरी (हि.स.)। रामगढ़ जिले के गोला थाना क्षेत्र अंतर्गत चोपादारू के जाड़ापार स्थित सहोदरी देवी के आलू के खेत में मंगलवार को एक विशालकाय जंगली हाथी का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। खेत में हाथी के मृत पड़े होने की खबर आग की तरह फैलते ही उसे देखने के लिए ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ग्रामीणों ने हाथी की सूंड पर काले निशान और खून के धब्बे देखे, जिससे उसकी मौत को लेकर संदेह जताया गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम, स्थानीय पुलिस और पशु चिकित्सकों की टीम घटनास्थल पहुंची। वन विभाग की निगरानी में घटनास्थल से हाथी के शरीर का ब्लड सैंपल और मांस के टुकड़े एकत्र कर फोरेंसिक जांच के लिए रांची भेजा गया।

एंथ्रेक्स बीमारी से मौत की संभावना

मौके पर पहुंचे पशु चिकित्सक डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि हाथी के शरीर पर किसी भी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। प्रारंभिक जांच में उन्होंने एंथ्रेक्स नामक गंभीर संक्रामक बीमारी से हाथी की मौत की संभावना जताई। हालांकि, पोस्टमार्टम और लैब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। डॉ. राजेश के अनुसार मृत हाथी नर था, जिसकी उम्र लगभग 20 से 25 वर्ष आंकी गई है। उन्होंने बताया कि जंगली हाथियों की औसत आयु लगभग 100 वर्ष तक होती है।

दोनों दांत काटकर न्यायालय को किए जाएंगे सुपुर्द

वन विभाग की टीम ने सुरक्षा मानकों के तहत मृत हाथी के दोनों विशाल दांतों को कटवाया। घटनास्थल पर उपस्थित गोला वन क्षेत्र पदाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि हाथी के दांतों को विधिवत प्रक्रिया के तहत न्यायालय को सुपुर्द किया जाएगा। न्यायालय के आदेश के अनुसार दांतों को वन विभाग की अभिरक्षा में सुरक्षित रखा जाएगा।

जेसीबी से गड्ढा खोदकर शव को दफनाया गया

मृत हाथी के शव के निस्तारण के लिए उसी खेत में जेसीबी से गड्ढा खोदा गया। दफन से पूर्व स्थानीय महिलाओं की ओर से पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम विधि संपन्न की गई। इसके बाद वन विभाग की मौजूदगी में हाथी के शव को सम्मानपूर्वक दफन कर दिया गया। इस अवसर पर वनकर्मी मनीष शर्मा, शिवशंकर, योगेंद्र कुमार, निलेश पोद्दार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

मादा हाथी की मौजूदगी की आशंका, ग्रामीणों में दहशत

मृत जंगली हाथी के मिलने के बाद इलाके में एक और चिंता सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार, इस क्षेत्र में मादा हाथी के होने की भी संभावना जताई जा रही है। हाथियों के झुंड में नर और मादा साथ-साथ विचरण करने की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों में भय का माहौल व्याप्त है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश