धर्मेंद्र प्रधान की तर्ज पर जेपीएससी घोटाले के लिये पद छोड़ें राज्य सरकार के संबंधित मंत्री : सूरज मंडल
रांची, 31 जुलाई (हि.स.)। अखिल भारतीय संपूर्ण क्रांति राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व सांसद, डॉ सूरज मंडल ने कहा है कि जिस प्रकार से नीट प्रश्न पत्र लीक मामले में धर्मेन्द्र प्रधान ने मोदी सरकार से इस्तीफा दे दिया है उसी तर्ज पर झारखंड में संबंधित विभागीय मंत्री को जेपीएससी में व्याप्त घोटाले की पूरी जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद छोड़ना चाहिए।
डॉ मंडल ने शुक्रवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि हर बात में हल्ला मचाने वाली झारखंड सरकार और इसके मंत्री अपने गिरेबान में बिल्कुल नहीं झांकते हैं। उन्हें आज गौर करना चाहिये कि उनके कारण न केवल झारखंड में बल्कि पूरे देश पर उस इंडिया गठबंधन की इज्जत तार-तार हो रही है जिसका न तो कोई सिद्धांत है और न ही नीति है।
सरकार के कर्ताधर्ता नौकरी बेचकर कमा रहे पैसा
डॉ मंडल ने कहा कि जमीन, कोयला और बालू जैसे घोटाले के बाद अब राज्य सरकार के कर्ताधर्ता झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग जैसे आयोगों में घुसकर नौकरी बेचकर और अन्य अनियमितताओं के बलबूते पैसे कमा रहे हैं।
डॉ मंडल ने कहा कि इस तरीके का कारनामा और इस अवांछित तरीके की सरकारी प्रणाली सीमित समय तक ही चलती है और इस बात को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ ही इसके सभी मंत्रियों और अधिकारियों को समझ लेना चाहिए।
जेपीएससी और जेएसएससी घोटाले में सभी मंत्रियों और अधिकारियों की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए डॉ मंडल ने कहा कि अब तक सरकार अपने पिछले पाप से ही मुक्त नहीं हो पायी है। बालू बेचने के लिये अधिकांश मंत्रियों, नेताओं, अधिकारियों और पुलिस पदाधिकारी के साथ ही दलालों की गहरी संलिप्तता है। उन्होंने बताया कि 2 दिन पहले ही धनबाद-जामताड़ा की सीमा पर नारायणपुर थाना अंतर्गत बजरा घाट में उन्होंने 100 से अधिक बालू भरे अवैध ट्रकों को देखा और उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को 112 नंबर पर इसकी सूचना भी दी। लेकिन कोई भी कार्रवाई नहीं हुई जो यह बताने को पर्याप्त है कि गैर आंदोलनकारियों की सरकार किस प्रकार से स्वार्थ में डूबकर झारखंड और यहां लोगों के खिलाफ में काम कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak