झारखंड में एक कॉल पर मिलेगा ब्लड, स्वास्थ्य विभाग ने किया एमओयू
रांची, 16 सितंबर (हि.स.)। झारखंड में जरूरतमंद मरीजों को अब एक कॉल पर चार घंटे के भीतर सुरक्षित रक्त उपलब्ध कराने की नई व्यवस्था शुरू होगी। स्वास्थ्य विभाग और एमएस साइंस कंपनी के बीच बुधवार को इस संबंध में एमओयू हुआ।
नई व्यवस्था को अगले 90 दिनों में पूरी तरह प्रभावी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। एमओयू के बाद मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने इसे राज्य के लिए बड़ी पहल बताते हुए कहा कि मरीज के कॉल करने पर चार घंटे के भीतर ब्लड उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए टोल फ्री नंबर जारी होगा और रांची में कमांड सेंटर स्थापित कर पूरी व्यवस्था की निगरानी की जाएगी। एमएस साइंस कंपनी ब्लड कलेक्शन से लेकर उसकी जांच, स्टोरेज, रखरखाव और संबंधित अस्पताल तक रक्त पहुंचाने की जिम्मेदारी संभालेगी।
मंत्री ने कहा कि रक्त की जांच निर्धारित मानकों के अनुसार की जाएगी, ताकि मरीजों को सुरक्षित रक्त मिल सके। उन्होंने चाईबासा की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि किसी भी मरीज को बिना जांच किया हुआ रक्त नहीं दिया जाना चाहिए।
एनएचएम अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों के साथ एनसीसी, एनएसएस, पुलिस बल और निजी रक्तदान शिविरों के माध्यम से भी रक्त संग्रह किया जाएगा। कंपनी स्वयं रक्तदान शिविर आयोजित करेगी, जबकि विभाग तकनीकी सहयोग देगा। मानव संसाधन और अन्य व्यवस्थाएं कंपनी की जिम्मेदारी होगी। कंपनी को प्रति यूनिट ब्लड के आधार पर भुगतान किया जाएगा।
नई व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी और निजी अस्पतालों में रक्त की उपलब्धता बढ़ाना और रक्त की कमी के कारण मरीजों और उनके परिजनों को होने वाली परेशानी को कम करना है। इसके लिए अगले 90 दिनों में व्यापक रक्तदान जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
एमओयू के दौरान स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी, विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह और एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा सहित कई अधिकारी पदाधिकारी मौजूद थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar