वाइल्डलाइफ ट्रस्ट के कार्यशाला में हाथी और ग्रामीणों में बेहतर समन्वय बनाने पर जोर
रांची, 11 अक्टूबर (हि.स.)। मानव-हाथी संघर्ष को कम करने और हाथियों के साथ ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की बात पर वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन सोसाइटी ऑफ झारखंड और वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को सिल्ली प्रखंड स्थित बड़ा चांगरू गांव में जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
महिलौंग-कालीमाटी एलीफेंट कॉरिडोर क्षेत्र में आयोजित इस कार्यशाला में स्थानीय हाथी भगाओ दल के सदस्यों और ग्रामीणों को मानव-हाथी संघर्ष की स्थिति में सतर्कता बरतने और सुरक्षित तरीके अपनाने की जानकारी दी गई। साथ ही हाथी भगाओ दल और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया, ताकि हाथियों की आवाजाही के दौरान समय पर सूचना और आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
इस अवसर पर सोसायटी के सचिव अभिषेक चौबे ने कहा कि हाथियों का संरक्षण और ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा संगठन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जागरूकता और आपसी सहयोग से मानव एवं वन्यजीवों के बीच सह-अस्तित्व को बढ़ावा दिया जा सकता है।उन्होंने बताया कि हाथियों का सामना होने पर बिना उन्हें नुकसान पहुंचाए सुरक्षित दूरी बनाए रखना और उन्हें जंगल की ओर जाने का अवसर देना जरूरी है।
मौके पर ग्रामीणों को हाथियों से जान-माल की रक्षा, फसलों और घरों को होने वाले नुकसान को कम करने एवं आपात स्थिति में सुरक्षित कार्रवाई के कई व्यावहारिक उपाय बताए गए।
कार्यशाला में ग्रामीणों और हाथी भगाओ दल के सदस्यों ने सुरक्षा नियमों का पालन करने और मानव-हाथी संघर्ष रोकने में सहयोग करने का संकल्प लिया। कार्यशाला में सोसायटी के सदस्य पदाधिकारी सहित ग्रामीण मौजूद थे। ---------------
हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar