रांची में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण पर तीन दिवसीय कार्यशाला शुरू, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को मिली ट्रिब्यूनल प्रैक्टिस की व्यावहारिक ट्रेनिंग
-जीएसटी कानून के निरंतर विकास के साथ अब जीएसटीएटी की भूमिका महत्वपूर्ण : सीए अनीश
रांची, 13 जुलाई (हि.स.)। द इंस्टीट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया (आईसीएआई) की सेवा एवं वस्तु कर (जीएसटी) तथा अप्रत्यक्ष कर समिति के तत्वावधान में रांची के एक होटल 'जीएसटी– फ्रॉम एडजुडिकेशन टू रिप्रेजेंटेशन एंड ट्रिब्यूनल प्रैक्टिस (जीएसटीएआरटी)' विषय पर तीन दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण (जीएसटीएटी) में प्रभावी प्रतिनिधित्व, अपील प्रक्रिया और व्यावहारिक पहलुओं का प्रशिक्षण प्रदान करना है।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए आईसीएआई रांची शाखा के अध्यक्ष सीए अनीश जैन ने कहा कि जीएसटी कानून के निरंतर विकसित होते स्वरूप में जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए इस क्षेत्र में विशेषज्ञता विकसित करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि झारखंड और बिहार में रांची पहली शाखा है, जिसने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की है।
कार्यशाला के दौरान विभिन्न विशेषज्ञों ने जीएसटी कानून और अपील प्रक्रिया के विविध पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। सीए सुशील कुमार गोयल ने जीएसटी अपील की संपूर्ण प्रक्रिया और उससे संबंधित कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला। सीए गौरव गुप्ता ने जीएसटीएटी में प्रभावी प्रस्तुतीकरण की तकनीक, दस्तावेजों की तैयारी और सुनवाई की रणनीतियों पर व्यावहारिक जानकारी साझा की।
सीए शुभम खेतान ने विभिन्न न्यायिक निर्णयों और जीएसटी विवादों से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों पर चर्चा की, जबकि सीए रोहित वासवानी ने अपील दायर करने की रणनीति, केस मैनेजमेंट और न्यायाधिकरण में प्रभावी पैरवी के महत्वपूर्ण पहलुओं को समझाया। सीए सुमित झुनझुनवाला ने विवाद निवारण और प्रतिनिधित्व की बारीकियों पर मार्गदर्शन दिया तथा सीए मनीष गाडिया ने जीएसटीएटी के समक्ष प्रभावी वकालत एवं इस क्षेत्र में उभरते अवसरों पर अपने विचार रखे।
कार्यशाला की विशेष आकर्षण मूट कोर्ट (काल्पनिक न्यायालय) का आयोजन रहा, जिसके माध्यम से प्रतिभागियों को जीएसटी अपीलीय न्यायाधिकरण की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव कराया गया। इस अभ्यास में प्रतिभागियों ने वास्तविक न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप अपील की सुनवाई, तर्क-वितर्क और प्रस्तुतीकरण का अभ्यास किया।
कार्यशाला में रांची शाखा के पूर्व अध्यक्ष सीए परमानंद दुबे, सीए राजेश श्रीवास्तव, सीए संजीत श्रीवास्तव, सीए राजकुमार, सीए धर्मेंद्र सिन्हा, सीए प्रवीण शर्मा, सीए श्रद्धा बगला तथा फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष सीए रणजीत गारोडिया सहित लगभग 50 चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने भाग लिया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में रांची शाखा के उपाध्यक्ष सीए विवेक खोवाल, सचिव सीए दिलीप कुमार, कोषाध्यक्ष सीए हरेन्द्र भारती एवं अन्य पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस अवसर पर आईसीएआई रांची शाखा ने स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई), रांची के सहयोग से मोराबादी फुटबॉल ग्राउंड में योग शिविर का भी आयोजन किया। शिविर में साई के प्रशिक्षकों ने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एवं उनके परिवार के सदस्यों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया तथा नियमित योग के स्वास्थ्य लाभों की जानकारी दी।
योग शिविर को संबोधित करते हुए रांची शाखा के सचिव सीए दिलीप कुमार ने कहा कि वर्तमान समय की व्यस्त और तनावपूर्ण जीवनशैली में योग शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को संतुलित रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। शिविर में 30 से अधिक चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और उनके परिवार के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा नियमित योग करने का संकल्प लिया।--------------
हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak