नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर बाेली महिला उद्यमी, मिलेगा उचित प्रतिनिधित्व

 


रांची, 11 अप्रैल (हि.स.)। फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की महिला उद्यमियों ने केंद्र सरकार के नारी शक्ति वंदन अधिनियम का स्वागत किया। शनिवार को चेंबर भवन में प्रेस वार्ता आयोजित कर महिला उद्यमियों ने महिला सशक्तिकरण, संसद एवं विधानसभा में महिलाओं के लिए प्रस्तावित आरक्षण तथा इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर चर्चा की।

प्रेस वार्ता में चेंबर की कार्यकारिणी सदस्य आस्था किरण, विनीता सिंघानिया, सदस्य पूनम आनंद, सीए मनीषा बियानी, सीए श्रद्धा बागला, सीए साक्षी जैन, साहित्यकार पुष्पा सहाय, डॉ सुमन दुबे, डॉ रजनी चंदा शर्मा, आर्टिस्ट गार्गी मलकानी और अधिवक्ता डॉ लावण्या मित्तल ने अपने विचार व्यक्त किया।

मौके पर पूनम आनंद ने कहा कि 16-17 अप्रैल को संसद में यह विधेयक प्रस्तुत होने जा रहा है और इसके कानून बनने से महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व का अवसर मिलेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक पहल महिलाओं की भागीदारी को नई दिशा देगी।

महिलाओं को मिलेगा वास्तविक सशक्तिकरण : सीए मनीषा

सीए मनीषा बियानी ने इसे एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी कदम बताते हुए कहा कि वर्षों से प्रतीक्षित इस पहल से महिलाओं को वास्तविक सशक्तिकरण मिलेगा और यह राजनीतिक व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव लाएगा।

डॉ सुमन दुबे ने इसे इन्क्लूसिव विधेयक बताते हुए कहा कि देश को विश्व शक्ति बनाने के लिए महिलाओं की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के मुख्यधारा में आने से स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेंगे।

वहीं सीए श्रद्धा बागला ने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं शिक्षा जैसे विषयों पर अधिक प्रभावी भूमिका निभाने का अवसर देगा।

इसके अलावा सीए साक्षी जैन ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में महिलाओं की सक्रिय सहभागिता बेहद जरूरी है और यह अधिनियम उस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

चैम्बर की कार्यकारिणी सदस्य विनीता सिंघानिया ने कहा कि महिलाओं की राजनीति में बढ़ती भागीदारी से जनप्रतिनिधित्व अधिक संवेदनशील और प्रभावी बनेगा, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा।

कार्यकारिणी सदस्य आस्था किरण ने कहा कि यह पहल एक होलिस्टिक दृष्टिकोण के साथ महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उठाया गया सराहनीय कदम है। इस अवसर पर उपस्थित सभी महिला उद्यमियों ने एक स्वर में इस विधेयक का स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इसके लागू होने से देश में महिला सशक्तिकरण को नई गति मिलेगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को मजबूती प्राप्त होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / Vinod Pathak