(लीड) अबुआ दिशोम बजट झारखंडवासियों के चेहरे पर लाएगा मुस्कान, गरीबों का पोंछेगा आंसू : राधा कृष्ण किशोर
रांची, 24 फरवरी। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,58,560 करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह बजट पिछले वर्ष की तुलना में करीब 9 प्रतिशत अधिक है। इससे पहले हेमंत सोरेन सरकार ने 2025-26 में 1.45 लाख करोड़ रुपये का बजट प्रस्तुत किया था।
झारखंड विधानसभा में वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर की ओर से पेश किए गए बजट में कृषि गतिविधियों में लगी महिलाओं के लिए एक योजना की घोषणा की गई। बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट समाज के हर वर्ग गरीब, किसान, आदिवासी और महिलाओं की आकांक्षाओं को पूरा करेगा। उन्होंने कहा कि अबुआ दिशोम बजट झारखंडवासियों के चेहरे पर मुस्कान लाएगा और गरीबों के आंसू पोंछेगा। महिला किसानों के लिए महिला खुशहाली योजना शुरू की जा रही है। इसके लिए सरकार की ओर से 25 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि अगले वित्त वर्ष में 100 नए सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संसाधनों से समृद्ध है। इसके अलावा यहां देवघर में बाबा बैद्यनाथ मंदिर और राजरप्पा मंदिर जैसे धार्मिक स्थल के साथ-साथ नेतरहाट जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल भी हैं। राज्य सरकार लोगों की समावेशी वृद्धि और विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से बाधाएं उत्पन्न किए जाने के बावजूद हम झुकेंगे नहीं और राज्य के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए आगे बढ़ते रहेंगे। उन्होंने झारखंड को पर्याप्त वित्तीय सहायता न देकर केंद्र पर सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि राज्य को केंद्रीय करों में 5,000 करोड़ रुपये का हिस्सा नहीं मिला और अनुदान सहायता के रूप में 11,000 करोड़ रुपये भी नहीं मिले।
वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्रीय करों में हिस्सेदारी धीरे-धीरे घट रही है। विकसित भारत - रोज़गार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए गारंटी (वीबी - जी राम जी) के कारण राज्य को 5,640 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कोयला आपूर्ति के बदले सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को 1.36 लाख करोड़ रुपये की बकाया राशि का भुगतान न करने को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
वित्त मंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1 लाख 58 हजार 560 करोड़ रुपये का सकल बजट अनुमान है, जो गत वर्ष से लगभग 9 प्रतिशत अधिक है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में राजस्व व्यय के लिए 1 लाख 20 हजार 851 करोड़ 90 लाख पये प्रस्तावित है, जो गत वर्ष से 9.2 प्रतिशत अधिक है। पूंजीगत व्यय अन्तर्गत गत वर्ष के बजट पर 8. 5 प्रतिशत वृद्धि के साथ 37 हजार 708 करोड़ 10 लाख रुपये का प्रस्ताव है।
वित्त मंत्री ने कहा कि बजट में प्रावधानित राशि के लिए निधि की व्यवस्था इस प्रकार होगी। राज्य को अपने कर राजस्व से 46 हजार करोड़ रुपये और गैर कर राजस्व से 20 हजार 700 करोड़ रुपये केन्द्रीय सहायता से 18 हजार 273 करोड़ 66 लाख रुपये तथा केन्द्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी के रूप में 51 हजार 236 करोड़ 38 लाख रुपये, लोक ऋण से 22 हजार 49 करोड़ 96 लाख रुपये एवं उधार तथा अग्रिम की वसूली से 300 करोड़ रुपये होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 में राजकोषीय घाटा 13 हजार 595 करोड 96 लाख रुपये होने का अनुमान है, जो कि अनुमानित जीएसडीपी का 2.18 प्रतिशत है।
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने बताया कि वर्तमान मूल्य पर झारखण्ड का जीएसडीपी वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगभग 5 लाख 16 हजार करोड़ रुपये रहा। सरकार का प्रयास होगा कि अगले 5 वर्षों में इसे दोगुना किया जाय। इसके लिए हमें वर्तमान मूल्य पर करीब 14 प्रतिशत का विकास करना होगा। स्थिर मूल्य पर यह करीब 9 से 10 प्रतिशत की विकास दर होगी।
उन्होंने कहा कि 14.1 प्रतिशत की लक्षित विकास दर राज्य के मौजूदा संसाधनों का उपयोग करके, बाहरी कारकों, विशेष रूप से सूखे के प्रभाव को निष्प्रभावी करके और विकास को बढ़ावा देने वाले उपायों को लागू करके हासिल की जाएगी। इस क्रम में ग्रोथ इंजन कृषि, उद्योग, भौतिक संरचनाओं का विकास, वित्तीय सेक्टर का विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास तथा सामाजिक सुरक्षा पर विशेष बल दिया जायेगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि महिला किसान खुशहाली योजना प्रारम्भ की गयी है, जिसके अंतर्गत महिला किसानों को एकीकृत खेती से जोड़कर अद्यतन तकनीक की मदद दी जाएगी और ऑफलाईन एवं ऑनलाईन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इस योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 25 करोड़ का बजटीय उपबंध किया गया है। गन्ना, जूट एवं अन्य नकदी फसलों का क्षेत्र विस्तार किया जाएगा। इसके लिए पुरानी योजना को 'नकदी फसल विकास एवं विस्तार योजना' पुनर्नामित करते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 19 करोड़ 88 लाख रुपये का बजटीय उपबंध किया गया है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक एलएएमपीएस/पीएसीएस में सहकारी विपणन परिसर-सह-सौर पैनल आधारित कोल्ड रूम के निर्माण के लिए कुल 162 करोड़ 20 लाख 90 हजार रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि झारखंड के सभी 17 सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों और 6 नवनिर्मित पॉलिटेक्निक संस्थानों को आईआईटी और एनआईटी की तर्ज पर जेएचआईटी के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव है। राज्य के चतरा जिला मुख्यालय में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना की जाएगी।
उन्होंने कहा कि कैंसर रोग की रोकथाम के लिए झारखंड के सभी पांच सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पीईटी और सीटी स्कैन मशीन का अधिष्ठापन किया जाएगा। प्रारंभिक अवस्था में ही ब्रेस्ट कैंसर रोग की पहचान कर लिए जाने के उद्देश्य से राज्य के सभी 24 जिला सदर अस्पताल में मैमोग्राफी मशीन स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सभी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में कैथलैब की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा राज्य में 750 अबुआ दवाखाना खोले जाने का लक्ष्य है। इसके माध्यम से लोगों में सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण दवा उपलब्ध करायी जाएगी।
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि राज्य के 06 चयनित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से एआई विषय पर प्रशिक्षण प्रारंभ करने की योजना है। लघु वन पदार्थ का उन्नयन योजना के अंतर्गत पलामू वन प्रमंडल के कन्दरी लाह फॉर्म का जोर्णोद्धार एवं विकास कार्य किए जाएंगे, ताकि लाह उत्पादन में वृद्धि हो सके एवं स्थानीय ग्रामीणों को आय के साथ-साथ रोजगार का सृजन हो सके।
वित्त मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 1644 किलोमीटर पथ का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में नए पथों के निर्माण के लिए 1,000 करोड़ रुपये का बजटीय उपबंध प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 122 पुल का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में पुलों के निर्माण कार्य के लिए 730 करोड़ रुपये का बजटीय उपबंध प्रस्तावित है।
उन्होंने कहा कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम मंच के माध्यम से झारखंड ने 01 लाख 24 हजार 230 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त किए हैं, जिनसे इस्पात, ऊर्जा, विनिर्माण और अवसंरचना क्षेत्रों में लगभग 45 हजार रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। विभिन्न औद्योगिक नीतियों के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में 20 हजार करोड़ का निवेश लाया जाएग, जिससे राज्य के लगभग 15 हजार लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है।
वित्त मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में पर्यटन के क्षेत्र में रांची जिलान्तर्गत दशम और जोन्हा जलप्रपात में ग्लास ब्रिज और रोप-वे का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा हुण्डरू जलप्रपात रोप-वे का विकास कार्य कराया जाएगा। रामगढ़ जिलान्तर्गत रजरप्पा में पर्यटकीय विकास के साथ-साथ पतरातु में स्काइवॉक एवं पतरातु जलाशय में सोलर बोट तथा फ्लोटिंग रेस्टोरेन्ट का अधिष्ठापन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में लातेहार जिले के नेतरहाट स्थित कोयल व्यू प्वाइंट पर एक कांच का वॉच टावर बनाया जाएगा और मैग्नोलिया प्वाइंट पर एक स्काईवॉक का निर्माण किया जाएगा। देवघर जिले में पुनासी बांध का पर्यटन विकास, पलामू जिले में मलय बांध का पर्यटन विकास, चतरा जिले में कोलेश्वरी पहाड़ी पर रोपवे का विकास और खूंटी जिले में पेरवाघाघ जलप्रपात और पांडु-पुडिंग पिकनिक स्थल के इको-टूरिज्म सर्किट का विकास किया जाएगा।
वित्त मंत्री ने बताया कि इस वर्ष का परिणाम बजट लगभग 138 बाल-संबंधी योजनाओं के आधार पर तैयार किया गया है, जिसके लिए कुल ₹10,793 करोड़ 16 लाख का आवंटन किया गया है। यह राशि राज्य की कुल योजना राशि का लगभग 10.7 प्रतिशत है।
उन्होंने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भी लैंगिक बजट तैयार किया गया है, जो परिणाम बजट से संबंधित विभागों की योजनाओं पर आधारित है। इस वर्ष, 17 विभागों की महिलाओं से संबंधित लगभग 232 योजनाओं के आधार पर लैंगिक बजट तैयार किया गया है, जिसके लिए कुल 34 हजार 211 करोड़ 27 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।
इससे पहले, विधानसभा में प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान प्रभारी मंत्री ने सत्ताधारी और विपक्षी दोनों दलों के कई सवालों के जवाब दिए। वित्त मंत्री के बजट भाषण के बाद, विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने सदन की कार्यवाही को बुधवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे