धर्म वही जो मनुष्य के जीवन में अभ्युदय और श्रेय प्रदान करे: स्वामी परिपूर्णानंद
रांची,12 अप्रैल (हि.स.)। रांची के पिस्का स्थित खजूरिया मैदान में रविवार को एक भव्य धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, नागरिक, महिलाएं, युवा एवं बच्चे उपस्थित हुए।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में चिन्मय मिशन के स्वामी परिपूर्णानंद और विशिष्ट वक्ता के रूप में क्षेत्र सामाजिक सद्भाव के सदस्य राकेश लाल , राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के रांची महानगर संघचालकप वन मंत्री उपस्थित थे ।
मौके पर स्वामी परिपूर्णानंद ने धर्म के वास्तविक स्वरूप पर प्रकाश डालते हुए कहा कि धर्म का स्थान जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण है, किंतु केवल नारे लगाने से धर्म की रक्षा संभव नहीं है। धर्म का वास्तविक आधार आचरण है। उन्होंने शास्त्रों का उल्लेख करते हुए कहा कि धर्म वही है जो मनुष्य के जीवन में अभ्युदय (लौकिक उन्नति) और श्रेय (आध्यात्मिक कल्याण) दोनों प्रदान करे।
स्वामी ने उपस्थित जनसमूह से आत्ममंथन करने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को यह विचार करना चाहिए कि उसके जीवन और व्यवहार में कितना धर्म समाहित है। उन्होंने परिवार को संस्कारों की प्रथम पाठशाला बताते हुए कहा कि बच्चे अपने बड़ों के आचरण से ही धर्म सीखते हैं। यदि आचरण में धर्म नहीं होगा, तो धर्म का संरक्षण संभव नहीं है।
उन्होंने जीवन मूल्यों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में समाज ने अपने मूल्यों को कमजोर कर लिया है, जिसके कारण संवेदनहीनता बढ़ी है। त्याग की भावना को समाज की एकता का आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि बिना त्याग के परिवार और समाज का अस्तित्व संभव नहीं है।
स्वामी परिपूर्णानंद ने वर्तमान सामाजिक चुनौतियों पर चिंता व्यक्त करते हुए विवाह, संतानोत्पत्ति, शिक्षा और संस्कारों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि केवल जनसंख्या घटने की चिंता करने से समाधान नहीं होगा, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का पालन करना होगा। उन्होंने बच्चों को धार्मिक ज्ञान देने, गीता के श्लोकों का अभ्यास करने और परंपराओं को समझकर अपनाने की प्रेरणा दी।
मौके पर राकेश लाल ने अपने संबोधन में एक प्रेरक कथा के माध्यम से निडरता और आत्मबल का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक शक्ति बाहरी साधनों में नहीं, बल्कि आंतरिक साहस और एकता में निहित है। उन्होंने ऐतिहासिक उदाहरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय समाज का इतिहास वीरता और आत्मसम्मान से भरा रहा है।
उन्होंने सामूहिक शक्ति के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि केवल व्यक्तिगत पूजा से नहीं, बल्कि सामूहिक रूप से धार्मिक गतिविधियों—जैसे मंदिरों में सामूहिक आरती और हनुमान चालीसा के आयोजन से समाज में एकजुटता और शक्ति का संचार होता है। उन्होंने प्रत्येक मुहल्ले में साप्ताहिक सामूहिक कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया।
राकेश लाल ने सामाजिक एकता पर बल देते हुए कहा कि समाज को जाति, भाषा, क्षेत्र के भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा। उन्होंने नागरिक कर्तव्यों के पालन, पर्यावरण संरक्षण (जैसे पौधारोपण, प्लास्टिक का कम उपयोग) तथा सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान भजन, सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ और भारत माता की आरती का आयोजन किया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और ऊर्जावान बन गया।
अंत में सभी उपस्थित जनों ने यह संकल्प लिया कि वे अपने जीवन में धर्म, संस्कार, त्याग, एकता और सामाजिक उत्तरदायित्व को अपनाते हुए एक सशक्त एवं जागरूक समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देंगे।
इस कार्यक्रम सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे।
विराट हिंदू सम्मेलन का हुआ आयोजन
सकल हिंदू समाज की ओर से रविवार को बरियातू हाउसिंग कॉलोनी में विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लिया।
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज में एकता, सांस्कृतिक जागरूकता एवं राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण की भावना को सुदृढ़ करना रहा। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए और समाज को संगठित एवं सशक्त बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघचालक देवव्रत पाहन, समाजसेवी विनोद गद्यान और स्वामी दिव्यज्ञान, कार्यक्रम के संयोजक सत्यम सत्यदर्शी और सह संयोजक पंकज कुमार सहित अन्य शामिल रहे।
सम्मेलन में भक्ति और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। पूरे कार्यक्रम का वातावरण श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक एकजुटता से ओत-प्रोत रहा।
आयोजकों ने सम्मेलन में उमड़ी भारी भीड़ और लोगों के सहयोग के लिए सभी का आभार व्यक्त किया एवं भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज को जोड़ने का संकल्प दोहराया।
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हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे