छात्रों के नाम पर भाजपा के 48 घंटे का अल्टीमेटम राजनीतिक नौटंकी : विनोद
रांची, 04 सितंबर (हि.स.)। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के केन्द्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा के 48 घंटे के अल्टीमेटम और चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा पर पलटवार किया है। उन्होंने शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि भाजपा पर छात्रों और युवाओं के मुद्दों को लेकर भाजपा का यह अल्टीमेटम राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए कहा कि 48 घंटे का अल्टीमेटम उसकी हताशा और राजनीतिक अहंकार को दर्शाता है।
पांडेय ने भाजपा की ओर से लगाए गए नौकरी बेचने के आरोप पर कहा कि भाजपा के पास प्रमाण है तो सार्वजनिक करे, अन्यथा बेबुनियाद आरोप लगाकर जनता को गुमराह करना बंद करे। मुख्य सचिव से इंडिया गठबंधन के नेताओं की मुलाकात पर भाजपा की टिप्पणी को उन्होंने हास्यास्पद बताया। पांडेय ने कहा कि सरकार भाजपा के अल्टीमेटम से नहीं चलेगी और धमकी और दबाव की राजनीति से सरकार को झुकाने का प्रयास सफल नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा को पहले अपने शासनकाल का हिसाब देना चाहिए। केंद्र और झारखंड में लंबे समय तक सत्ता में रहने के दौरान युवाओं के लिए कितने रोजगार के अवसर पैदा किए गए, इसका जवाब भाजपा को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों के मुद्दे पर घड़ियाली आंसू बहाने से भाजपा की वास्तविकता नहीं छिपेगी।
छात्रों पर दर्ज मुकदमों को फर्जी बताए जाने पर उन्होंने भाजपा से तथ्य और प्रमाण सामने रखने की मांग की।
उन्होंने कहा कि कानून तोड़ने वालों को राजनीतिक संरक्षण देने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी। भाजपा आंदोलन के नाम पर सरकारी व्यवस्था को चुनौती देने की राजनीति कर रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar