रामगढ़ में दशलक्षण महापर्व के चौथे दिन उत्तम शौच धर्म की आराधना

 




रामगढ़, 19 सितंबर (हि.स.)। रामगढ़ शहर में दशलक्षण महापर्व के चौथे दिन शनिवार को मेन रोड स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर और रांची रोड स्थित जिनालय में उत्तम शौच धर्म की श्रद्धा और भक्तिभाव से आराधना की गई। सुबह से ही दोनों जिनालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। जलाभिषेक, शांतिधारा, पूजन सहित विभिन्न मांगलिक कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह जानकारी मीडिया प्रभारी श्रवण जैन ने दी।

मुनिश्री 108 पुण्यानंद जी महाराज, मुनिश्री 108 शुभानंद जी महाराज और क्षुल्लकश्री 105 दिव्यानंद जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में महापर्व के धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सागर, मध्य प्रदेश से आए पंडित संदीप शास्त्री और संगीतकार अनुराग जैन के निर्देशन में प्रतिदिन विधि-विधान के साथ मांगलिक कार्यक्रम संपन्न हो रहे हैं।

श्री दिगंबर जैन मंदिर में पाण्डुशिला पर विराजमान पुष्पदंत भगवान की अष्टधातु प्रतिमा पर कलशाभिषेक का पुण्य लाभ मानिक चंद पाटनी, मीना देवी, अंकित, राहुल, मार्धव, अद्विक और त्रिशा पाटनी परिवार ने प्राप्त किया।

महापर्व के दौरान बच्चों ने भी कलशाभिषेक और शांतिधारा में उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुनिसंघ की ओर से बच्चों को मंगल आशीर्वाद दिया गया और पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

रांची रोड स्थित 1008 श्री पार्श्वनाथ जिनालय में भी जलाभिषेक और शांतिधारा के कार्यक्रम श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ संपन्न हुए। प्रथम जलाभिषेक का पुण्य लाभ विनोद एवं संगीता सेठी ने प्राप्त किया।

प्रवचन में मुनिश्री ने उत्तम शौच धर्म के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उत्तम शौच केवल बाहरी स्वच्छता तक सीमित नहीं है, बल्कि मन को लोभ, मोह, संग्रह और विकारों से मुक्त कर आत्मा को निर्मल बनाने की साधना है। उन्होंने श्रद्धालुओं को संतोष, संयम और पवित्र भावों को जीवन में अपनाकर आत्मिक शुद्धि की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।

-----------

हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश