नवरात्र में भक्ति का अनूठा संकल्प, लोहे के कील से बने सेज पर रूपा आठ दिनों तक धारण करेगी कलश

 


रामगढ़, 11 अक्टूबर (हि.स.)। शारदीय नवरात्र में मां दुर्गा को खुश करने के लिए भक्त अलग-अलग तरीके से अनुष्ठान करते हैं। इस बार रामगढ़ जिले में एक महिला ने मां दुर्गा को मनाने के लिए अनूठा संकल्प लिया है। वह आठ दिनों तक लोहे के कीलों से सेज बनाकर कलश अपने पेट पर धारण करेंगी। उसका यह अनूठा संकल्प रामगढ़ जिले में चर्चा का विषय बन गया है।

मां दुर्गा के प्रति अटूट श्रद्धा और गहरी आस्था के साथ रामगढ़ जिले के बरकाकाना क्षेत्र के पोचरा स्थित झोपड़ी टोला निवासी रूपा देवी नवरात्र में विशेष धार्मिक अनुष्ठान करने जा रही हैं। बताया गया है कि वह 12 किलोग्राम की नुकीली लोहे की कीलों से बने बिस्तर पर आठ दिनों तक विराजमान रहेंगी और पेट पर कलश धारण कर मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना करेंगी। उनके इस अनूठे धार्मिक संकल्प को लेकर क्षेत्र में चर्चा हो रही है। रूपा देवी की प्रस्तावित साधना भी धार्मिक परंपरा से जुड़ी हुई है।

नुकीली लोहे की कीलों से बने बिस्तर पर विराजमान रहकर पेट पर कलश धारण करने का उनका संकल्प लोगों के बीच जिज्ञासा का विषय बना हुआ है। स्थानीय स्तर पर इस धार्मिक अनुष्ठान को लेकर चर्चाएं हो रही हैं। नवरात्र के दौरान रूपा देवी की आठ दिवसीय साधना और अनुष्ठान के संपन्न होने को लेकर स्थानीय लोगों की निगाहें बनी हुई हैं। उनका यह संकल्प क्षेत्र में नवरात्र की चर्चाओं का हिस्सा बन गया है।

उल्लेखनीय है कि रूपा देवी नौ दिनों तक लोहे के कीलों से सेज बनाकर कलश अपने पेट पर धारण करने वाली थी, लेकिन रविवार को नवरात्र के पहले दिन कीलों के बिस्तर को बनाने में काफी समय लगा। रूपा देवी सोमवार की सुबह से कीलों की सेज पर आसन ग्रहण करेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / अमितेश प्रकाश